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रातों-रात, तालिबान के सपोर्ट से काम कर रहे अफ़गान सैनिकों ने पाकिस्तान के K-P और बलूचिस्तान प्रांतों में ISIS-खोरासान (ISIS-K) के संदिग्ध ठिकानों पर हमला किया। अफ़गानिस्तान में तालिबान के नेताओं ने कहा कि इस हमले से IS लड़ाकों को काफी नुकसान हुआ है।
काबुल और इस्लामाबाद के बीच इतना बढ़ा तनाव ऐसे समय में आया है जब दोनों के बीच रिश्ते पहले से ही खराब हैं। पाकिस्तान ने पहले भी अफ़गानिस्तान में पाकिस्तान विरोधी कार्यकर्ताओं को लगभग खत्म कर दिया है, जिससे मिलिटेंट्स पर आम लोगों को मारने के आरोप लगे हैं।
अफ़गान सरकार ने इन अपराधों के काउंटरटेररिज्म हमलों को बॉर्डर से आतंकवाद के खतरे को कम करने के लिए ज़रूरी बताया है। ISIS-K ने भी इस इलाके में काम किया है और इस इलाके में कई हमलों की ज़िम्मेदारी उसी की है। दोनों तरफ से कई काउंटर-ऑफेंस होने की वजह से एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लग रहे हैं।
यह घटनाक्रम इस इलाके में मुश्किल सुरक्षा हालात और आगे तनाव बढ़ने और आम लोगों पर असर पड़ने की संभावनाओं को दिखाता है। इंटरनेशनल कम्युनिटी हालात को कम करने की अपील कर रही है ताकि और ज़्यादा अस्थिरता को टाला जा सके।




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