Story Content
यह बुरी खबर लाखों भारतीयों के लिए एक बड़ा झटका साबित हुई, जब तेल विपणन कंपनियों ने पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में ₹3 प्रति लीटर की भारी बढ़ोतरी की घोषणा की। यह बढ़ोतरी तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है, जिसके चलते दिल्ली सहित कई शहरों में पेट्रोल की कीमतें ₹100 के आंकड़े के बेहद करीब पहुँच गई हैं।
कीमतों में इस भारी बढ़ोतरी का मुख्य कारण अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और उत्पाद शुल्क (Excise Duty) में किया गया इज़ाफ़ा है। यात्रियों, कैब चालकों और लॉजिस्टिक्स कंपनियों को इसका सबसे ज़्यादा खामियाज़ा भुगतना पड़ सकता है; ऐसी आशंका है कि आने वाले कुछ दिनों में परिवहन लागत में भी भारी बढ़ोतरी हो सकती है।
उद्योग जगत से जुड़े सूत्रों का कहना है कि इससे आम परिवारों के बजट पर भारी दबाव पड़ेगा। माल ढुलाई की कीमतों में बढ़ोतरी से मध्यम-वर्गीय परिवारों पर महंगाई का बोझ और बढ़ सकता है, और रोज़मर्रा की ज़रूरी चीज़ों पर होने वाले खर्च में भी और अधिक इज़ाफ़ा हो सकता है। दोपहिया और चारपहिया वाहन मालिकों से आग्रह किया गया है कि वे समझदारी से ईंधन का इस्तेमाल करें और संभव हो तो 'कारपूलिंग' (एक ही गाड़ी में कई लोग मिलकर यात्रा करना) का सहारा लें, ताकि इस बढ़ोतरी के असर को कम से कम किया जा सके।
सरकार की ओर से अभी तक किसी भी तरह की अतिरिक्त राहत या सब्सिडी की घोषणा नहीं की गई है। जानकारों का कहना है कि इससे खाने-पीने की चीज़ों और ज़रूरी सामानों की कीमतों में महंगाई का एक और दौर शुरू हो सकता है।
शहर के हिसाब से पेट्रोल/डीज़ल की कीमतें अभी अपडेट नहीं हुई हैं; ज़्यादा जानकारी के लिए बाद में देखें। जैसे-जैसे पेट्रोल की कीमतें बढ़ रही हैं, सोच-समझकर खर्च करना और ईंधन की बचत करना पहले से कहीं ज़्यादा ज़रूरी हो गया है।




Comments
Add a Comment:
No comments available.