Story Content
बिहार के शेख़पुरा ज़िले के बरजीबो इलाके में स्थित फ़तेहपुर गाँव के रहने वाले रंजीत यादव (जिसे रंजीत कुमार भी बताया गया है) को 17 मार्च, 2026 को गिरफ़्तार कर लिया गया। उस पर 6 मार्च को घोषित UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 के नतीजों में 'ऑल इंडिया 440 रैंक' हासिल करने का झूठा दावा करने का आरोप था।
रोज़ाना मज़दूरी करने वाला यह शख़्स, जो रातों-रात एक 'मोटिवेशनल स्पीकर' बन गया था, उसने अपने गाँव में बड़े पैमाने पर जश्न का माहौल बना दिया था। इस जश्न में गाँव वालों, RJD के पूर्व विधायक विजय सम्राट और पुलिस ने उसे मालाएँ पहनाईं, मिठाइयाँ खिलाईं, नकद पैसे दिए, तोहफ़े दिए और एक VIP सूटकेस भी भेंट किया। उसने युवाओं में जोश भरने के लिए एक बेहद भावुक भाषण भी दिया और उसे महूली पुलिस स्टेशन में सम्मानित करने के लिए बुलाया गया।
हालाँकि, जब गाँव वालों ने UPSC की आधिकारिक मेरिट लिस्ट (नतीजों की सूची) देखी, तो उन्हें शक हुआ: AIR 440 रैंक पर कर्नाटक के रंजीत कुमार R का नाम दर्ज था। धोखाधड़ी का पर्दाफ़ाश होने के बाद यादव कुछ समय के लिए फ़रार हो गया था, लेकिन बाद में उसे शेख़पुरा शहर के 'कॉलेज मोड़' से ढूँढ़ निकाला गया और गिरफ़्तार कर लिया गया। उसी स्टेशन हाउस ऑफिसर (रामप्रवेश भारती) ने उसका इंटरव्यू लिया, व्यंग्यपूर्ण ढंग से उसे सम्मानित किया और फिर उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस द्वारा संभावित सहयोगियों से पूछताछ के बाद मामले दर्ज किए गए हैं, क्योंकि यह घटना इस बात की ओर इशारा करती है कि असली उम्मीदवारों की कीमत पर झूठे दावे करने में कितना खतरा है।




Comments
Add a Comment:
No comments available.