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CBSE 2026-27 से माध्यमिक शिक्षा प्रणाली में बड़ा बदलाव करेगा। इसके तहत क्लास 9-10 के लिए एक नया पाठ्यक्रम पेश किया जाएगा, जिसमें रटने के बजाय बाज़ार-आधारित विशेषज्ञता को ज़्यादा महत्व दिया जाएगा। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने 2026-27 सत्र के लिए क्लास 9 और 10 के पाठ्यक्रम में आधिकारिक तौर पर महत्वपूर्ण बदलाव लागू किए हैं। ये बदलाव राष्ट्रीय पाठ्यक्रम ढांचा (NCF 2023) और NEP 2020 के अनुरूप हैं। इनमें सबसे प्रमुख बदलावों में से एक अनिवार्य तीन-भाषा फ़ॉर्मूला है, जिसमें भाषा पर अच्छी पकड़ (R1, R2, R3) ज़रूरी होगी। इसके अलावा, क्लास 9 से ही मैथ और साइंस में एडवांस्ड विकल्प चुनने की सुविधा मिलेगी, और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कम्प्यूटेशनल सोच (सोचने की क्षमता), और कौशल-आधारित विषयों पर ज़्यादा ज़ोर दिया जाएगा। इस बदलाव के साथ योग्यता-आधारित शिक्षा, आलोचनात्मक सोच (critical thinking), प्रोजेक्ट्स और अनुभवात्मक शिक्षा को सबसे आगे रखा गया है। क्लास 10 की बोर्ड परीक्षाओं के लिए छात्रों को दो मौके मिलेंगे (फरवरी में मुख्य परीक्षा + मई में सुधार परीक्षा)। परीक्षा के लगभग 50 प्रतिशत प्रश्न योग्यता-आधारित होंगे, जिनमें केस स्टडी और व्यावहारिक अनुप्रयोग (application) वाले प्रश्न शामिल होंगे। आंतरिक मूल्यांकन (Internal assessments) को ज़्यादा महत्व दिया जाएगा, और साइंस तथा सोशल साइंस के प्रश्नपत्रों को अलग-अलग खंडों (sections) में बांटा जाएगा। इन बदलावों का उद्देश्य परीक्षा के दबाव को कम करना, छात्रों के सर्वांगीण विकास को बढ़ावा देना, और उन्हें उच्च शिक्षा तथा भविष्य के रोज़गार के लिए बेहतर ढंग से तैयार करना है। शिक्षण संस्थानों को भी अपनी शिक्षण रणनीतियों में बदलाव करने की आवश्यकता होगी। छात्रों और अभिभावकों को CBSE के आधिकारिक एकेडमिक पोर्टल का उपयोग करना चाहिए, जहाँ सटीक पाठ्यक्रम उपलब्ध है। इस नए दौर के साथ कदम से कदम मिलाकर चलें और CBSE की इस रोमांचक शिक्षा प्रणाली में स्मार्ट बनें!




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