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भारत की जनगणना 2027 अब आधिकारिक तौर पर शुरू हो गई है, और यह पूरी तरह से डिजिटल है, क्योंकि इसके लिए पहले से ही एक मिसाल कायम है। PM नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू उन पहले नागरिकों में से थे जिन्होंने 1 अप्रैल को अपना सेल्फ-एन्यूमरेशन (खुद को रजिस्टर करने वाला) फॉर्म भरा, और अन्य भारतीयों से भी ऐसा करने का आग्रह किया।
यह भारत की 16वीं जनगणना है और 1931 के बाद दशकों में पहली जनगणना है जिसमें जाति की गिनती की जाएगी। सरकार ने इस विशाल कार्य को मंजूरी दी है, जिस पर 11,718 करोड़ रुपये का खर्च आएगा और जिसमें 6.4 लाख गाँव, 5,000 से अधिक कस्बे, और सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को शामिल किया जाएगा।
खुद को रजिस्टर कैसे करें:
se.census.gov.in पर जाएँ → अपना मोबाइल नंबर डालें → मैप पर अपनी जगह चुनें → घर से जुड़ी जानकारी भरें, उसे जाँचें, और सबमिट करें। इसके बाद, अपनी SE ID बना लें और जब जनगणना करने वाला व्यक्ति आपके घर आए तो उसे वह ID दे दें।
यह प्रक्रिया 16 भाषाओं में की जा सकती है, और इसमें केवल 10 मिनट का कम समय लगता है। पहला चरण अप्रैल 2026 से सितंबर 2026 तक चलेगा, और पूरी आबादी की गिनती फरवरी 2027 के महीने में की जाएगी।
आज ही भारत की जनगणना का फॉर्म भरें। अपना योगदान दें!




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