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दिल्ली में दर्ज तापमान 37°C से 41°C के बीच होने के बावजूद, यहाँ का हीट इंडेक्स या 'महसूस होने वाला तापमान' खतरनाक रूप से 53.5°C तक पहुँच गया है, जिससे लोग भीषण गर्मी से परेशान हैं। इतना बड़ा अंतर मुख्य रूप से मानसून से पहले उमस का स्तर बढ़ने के कारण है।
एक विशेषज्ञ का कहना है कि पाकिस्तान और राजस्थान की सूखी गर्म हवाएँ अरब सागर से आने वाली नमी वाली दक्षिण-पश्चिमी हवाओं के साथ मिल रही हैं। इससे न केवल उमस का स्तर (कभी-कभी 35-63% तक) बढ़ता है, बल्कि मानव शरीर के लिए पसीना आना भी मुश्किल हो जाता है, जिससे शरीर से पानी तेज़ी से नहीं निकल पाता। इसका मतलब है कि हवा में नमी बहुत ज़्यादा बढ़ जाती है (अक्सर 35-63% तक) और पसीने के ज़रिए शरीर से निकलने वाले पानी की मात्रा काफी कम हो जाती है। शरीर को ठंडा रखने में भी मुश्किल होती है, जिससे हीट इंडेक्स (गर्मी का एहसास) बहुत ज़्यादा बढ़ जाता है।
भारतीय मौसम विभाग ने अभी तक किसी भी मौसम केंद्र पर आधिकारिक तौर पर लू (हीट वेव) की घोषणा नहीं की है, लेकिन उमस भरी गर्मी और उससे होने वाली परेशानी को देखते हुए कमज़ोर वर्गों की सेहत को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। कंक्रीट की सतहों के कारण शहरों में जमा होने वाली गर्मी से स्थिति और भी खराब हो जाती है। लोगों को सलाह दी जा रही है कि वे खूब पानी पिएं, गर्मी के समय घर से बाहर निकलने वाली गतिविधियां कम करें और उमस भरी गर्मी के दौरान ज़रूरी सावधानी बरतें।




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