Story Content
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) इस हफ्ते भारतीय एयरलाइनों की आखिरी जाँच शुरू करेगा। इसके बाद अमेरिकी FAA, 16 से 20 नवंबर 2026 तक भारत की विमानन सुरक्षा निगरानी का दोबारा आकलन करेगा।
DGCA करीब 200 सवालों के जवाब सबूत के साथ FAA को भेजेगा। यह जाँच किसी एक एयरलाइन की नहीं, बल्कि नियामक की है। FAA देखता है कि देश ICAO के सुरक्षा मानकों पर एयरलाइनों की निगरानी कर पा रहा है या नहीं। भारत अभी कैटेगरी 1 में है।
कैटेगरी 1 का मतलब है कि भारतीय विमान अमेरिका के लिए नई उड़ानें जोड़ सकते हैं और अमेरिकी एयरलाइनों के साथ कोडशेयर कर सकते हैं। कैटेगरी 2 होने का मतलब विमानों को असुरक्षित घोषित करना नहीं है, पर नई अमेरिकी उड़ानें रुक सकती हैं और निगरानी सख्त हो सकती है। मंत्रालय का कहना है कि कैटेगरी 1 बने रहने का भरोसा है। यह समीक्षा हर पाँच साल होती है।
डीजीसीए इस हफ्ते एयरलाइनों की आखिरी जांच करेगा। इसके बाद अमेरिकी FAA 16 से 20 नवंबर 2026 को भारत की निगरानी का दोबारा आकलन करेगा। करीब 200 सवालों के जवाब सबूत के साथ भेजे जाएंगे। यह किसी एक विमान को असुरक्षित बताने की जांच नहीं है। FAA देखता है कि नियामक ICAO के मानकों पर एयरलाइनों की निगरानी कर पा रहा है या नहीं। भारत अभी कैटेगरी 1 में है। कैटेगरी 1 में नई अमेरिकी उड़ानें और कोडशेयर जुड़ सकते हैं। कैटेगरी 2 में नई अमेरिकी रूट रुक सकती हैं और निगरानी सख्त हो सकती है। मंत्रालय को कैटेगरी 1 बने रहने का भरोसा है। यह समीक्षा हर पांच साल होती है।





Comments
Add a Comment:
No comments available.