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केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने संसद में स्पष्ट किया है कि E20 पेट्रोल (20% इथेनॉल ब्लेंड) से गाड़ियों के इंजन खराब नहीं होते। ARAI, SIAM और IOCL की संयुक्त स्टडीज़ का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि BS-III, BS-IV और BS-VI टू-व्हीलर्स और फोर-व्हीलर्स पर किए गए व्यापक डायनामोमीटर और ऑन-रोड टेस्ट में E20 से जुड़े इंजन फेलियर का कोई मामला सामने नहीं आया। हालांकि, गाड़ी की कैटेगरी और उम्र के आधार पर फ्यूल एफिशिएंसी 2-6% तक कम हो सकती है। 2016 से पहले के पुराने मॉडल, खासकर BS-III गाड़ियों में, रूटीन सर्विसिंग के दौरान रबर के पार्ट्स और गास्केट को कभी-कभी बदलने की ज़रूरत पड़ सकती है। अच्छी बात यह है कि E10 की तुलना में E20 से बेहतर एक्सेलरेशन, बेहतर राइड क्वालिटी और लगभग 30% कम कार्बन उत्सर्जन मिलता है। सरकार तेल आयात कम करने और किसानों की मदद करने के लिए इस ब्लेंड को बढ़ावा दे रही है। मैन्युफैक्चरर्स वारंटी का सम्मान कर रहे हैं, और गाड़ी में असामान्य जंग लगने या गाड़ी की उम्र कम होने की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है। इस बयान का मकसद देश भर में E20 लागू होने के बीच माइलेज कम होने को लेकर लोगों की बढ़ती चिंताओं को दूर करना है।




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