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नकली उपभोक्ता सामानों के खिलाफ एक बड़े अभियान के तहत, दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच (ER-1 टीम) ने 2-3 अप्रैल, 2026 को कंझावला के महावीर विहार में एक गोदाम में चल रही नकली टूथपेस्ट बनाने वाली यूनिट पर छापा मारा। बताया गया कि यह यूनिट बेहद अनियंत्रित परिस्थितियों में, बिना किसी पहचान वाले रसायनों और नीले ब्लीचिंग एजेंटों का इस्तेमाल करके नकली सेंसोडाइन टूथपेस्ट बना और पैक कर रही थी।
छापे के दौरान पुलिस ने 1,800 भरी हुई नकली ट्यूब, 10,000 से ज़्यादा खाली ट्यूब, 1,200 पैक की हुई ट्यूब, 130 किलो टूथपेस्ट पेस्ट (जिसे एक मशहूर ब्रांड का नाम दिया जाना था), पैकिंग और सीलिंग के उपकरण, कार्टन, रैपर, हीटिंग गन और चिपकाने वाले पदार्थ बरामद किए।
रोहिणी के सेक्टर-2 का रहने वाला हरिओम मिश्रा (58) इस मामले का मुख्य आरोपी है, जिसे गिरफ्तार कर लिया गया है। इसके अलावा छह अन्य कर्मचारियों को भी हिरासत में लिया गया है। पुलिस के अनुसार, यह ऑपरेशन उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए खतरनाक था, क्योंकि नकली पेस्ट बनाने में घटिया क्वालिटी और यहाँ तक कि खतरनाक सामग्रियों का भी इस्तेमाल किया गया था। आरोपी के बारे में खबर मिली है कि वह स्थानीय बाज़ारों में नकली उत्पाद सप्लाई कर रहा था। वितरण नेटवर्क और नकली सामान के अन्य रैकेट से संभावित संबंधों का पता लगाने के लिए और अधिक जाँच-पड़ताल की जा रही है। सरकार ने नागरिकों को जागरूक किया है कि ओरल केयर उत्पाद खरीदते समय वे सही MRP, होलोग्राम और उत्पादन संबंधी जानकारी की जाँच ज़रूर करें।
इस कार्रवाई से यह बात साफ़ हो जाती है कि राजधानी में नकली स्वास्थ्य उत्पादों का खतरा मौजूद है।




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