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स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, सीमा पर मचे एक बड़े संकट के दौरान, सिर्फ़ 24 घंटों में लगभग 60,000 प्रवासियों ने मोरक्को से स्पेन के सेउटा इलाके में प्रवेश किया। प्रवासियों की यह अचानक भारी आमद, जो सेउटा की आबादी का लगभग 70% है, अफरातफरी, भीड़भाड़ और मानवीय संकट का कारण बनी। सीमा पार करने की कोशिश में कम से कम 57 लोगों की मौत हो गई, जिनमें से कई डूबने से मारे गए। स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़ ने इस भारी भीड़ के लिए तस्करी करने वाले गिरोहों को जिम्मेदार ठहराया। स्पेन के अधिकारियों ने बताया कि बाद में इनमें से ज़्यादातर लोग अपनी मर्ज़ी से मोरक्को लौट गए। अव्यवस्था के इन दृश्यों ने जनता में भारी गुस्सा पैदा किया। वीडियो और रिपोर्टों में सेउटा के गुस्से में भरे निवासियों को सांचेज़ के लिए “सन ऑफ़ ए बिच” जैसे अपशब्द कहते हुए दिखाया गया, जब वे उस इलाके का दौरा कर रहे थे या संकट पर बात कर रहे थे। आलोचकों ने सरकार पर सीमा पर कमज़ोर नियंत्रण का आरोप लगाया। इटली और अन्य यूरोपीय देशों ने इसके संभावित असर को लेकर चिंता जताई। इस घटना ने प्रवासन नीति, सीमा सुरक्षा और मोरक्को के साथ स्पेन के संबंधों पर बहस को फिर से हवा दे दी है।




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