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एक विवाद से सुर्खियों में आई गलगोटिया यूनिवर्सिटी अब अधिक विवादों और सवालों के घेरे में फंसती नजर आ रही है। असल में भारत एआई इम्पैक्ट समिट होस्ट कर रहा है, जिसे औपचारिक रूप से इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के नाम से जाना जाता है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर एक अंतर्राष्ट्रीय शिखर सम्मेलन है जो 16 से 20 फरवरी 2026 तक भारत मंडपम , नई दिल्ली में आयोजित की जा रही है । यह 2023 में ब्लेचले पार्क एआई सेफ्टी समिट , 2024 में एआई सियोल समिट और 2025 में पेरिस में एआई एक्शन समिट के बाद वैश्विक एआई शिखर सम्मेलनों की श्रृंखला में चौथा है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा इंडिया एआई मिशन के तहत आयोजित यह श्रृंखला का पहला शिखर सम्मेलन है, जिसकी मेजबानी ग्लोबल साउथ के किसी देश द्वारा की जा रही है
शिखर सम्मेलन का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 19 फरवरी 2026 को किया। उद्घाटन समारोह को फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने भी संबोधित किया । 20 से अधिक राष्ट्राध्यक्षों, 60 से अधिक मंत्रियों और 500 वैश्विक एआई नेताओं ने भाग लिया, जिसमें 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधिमंडल शामिल थे।
इसमें अन्य टेक कंपनियों के साथ-साथ विश्वविद्यालय भी शामिल हुए है| इसमें लगे एक्सपो में गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने एक रोबोट प्रेजेंट किया था| इस रोबोट को मेड इन इंडिया बताया गया था, जो कि गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने अपने कैंपस में बनाया था। गलगोटिया यूनिवर्सिटी की mass communication की प्रोफेसर नेहा सिंह पत्रकारों को बता रही थी कि हमारे यूनिवर्सिटी ने इस robo dog को बनाया है, जिसका नाम orion है। लेकिन बाद में सच्चाई सामने आने के साथ अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर भारत की बेज्जती होने लगी, क्योंकि यह रोबोट यूनिवर्सिटी के द्वारा नहीं बनाया गया था, बल्कि यह रोबोट एक चीनी कंपनी से खरीदा गया था। प्रोपेगेंडा फ़ैलाने के कारण चीन के कई आधिकारिक हैंडल से भी इसे तंज कसा गया| इन सब विवादों के बाद यूनिवर्सिटी को भारत मंडपम के पवेलियन से बहार निकाल दिया गया। बढ़ते विवादों के बीच अपनी छवि बचाने के लिए यूनिवर्सिटी ने प्रोफेसर नेहा सिंह के बारे में कहा कि कम जानकारी और कैमरे के एक्सिटमेंट के कारण उन्होंने गलत जानकरी दे दी| इसके बाद यूनिवर्सिटी ने करवाई करते हुए प्रोफेसर को यूनिवर्सिटी से निकाल दिया। इस विवाद से यूनिवर्सिटी की छवि को काफी नुकसान हुआ साथ ही साथ एआई इम्पैक्ट समिट पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा।




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