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Google ने अपना Gemma 4 पेश किया है, जिसे उसने अपने दौर का सबसे स्मार्ट ओपन मॉडल बताया है। इस नए परिवार को Gemini 3 रिसर्च से मिली सीख के आधार पर बनाया गया है। यह मुश्किल रीजनिंग, एजेंटिक व्यवहार, मल्टीमॉडल प्रोसेसिंग (टेक्स्ट, विज़न और ऑडियो) और हाई-क्वालिटी ऑफ़लाइन कोड बनाने जैसे कामों में बेहतरीन परफ़ॉर्मेंस देता है।
इसकी सबसे बड़ी खासियत इसके बेहद असरदार E2B और E4B मॉडल्स हैं। इन्हें खास तौर पर स्मार्टफ़ोन और Raspberry Pi जैसे एज कंप्यूटर पर काम करने के लिए बनाया गया है। ये छोटे-छोटे मॉडल्स पूरी तरह ऑफ़लाइन और लगभग ज़ीरो लेटेंसी के साथ काम कर सकते हैं। इन्हें Qualcomm और MediaTek जैसे पार्टनर्स के साथ मिलकर पूरी तरह से ऑप्टिमाइज़ किया गया है। यूज़र इन मॉडल्स की मदद से कई मुश्किल काम कर सकते हैं, जैसे कि कई चरणों वाली प्लानिंग और रियल-टाइम ऑडियो-विज़ुअल प्रोसेसिंग। साथ ही, वे अपनी सारी जानकारी को डिवाइस पर ही सुरक्षित रख सकते हैं।
इसके बड़े 26B Mixture-of-Experts और 31B Dense मॉडल्स, GPU और सर्वर दोनों पर ज़्यादा मुश्किल कामों को पूरा करने के लिए बनाए गए हैं। Gemma 4 एक ओपन-सोर्स मॉडल है, जो Apache 2.0 लाइसेंस के तहत उपलब्ध है। इसे Hugging Face और Google Cloud पर होस्ट किया जा सकता है, ताकि डेवलपर्स प्राइवेसी का ध्यान रखने वाले और कम लेटेंसी वाले AI ऐप्स बना सकें।
इस लॉन्च के साथ, कंपनी 'ऑन-डिवाइस इंटेलिजेंस' (डिवाइस पर ही काम करने वाली स्मार्ट टेक्नोलॉजी) की दिशा में एक बड़ा कदम उठा रही है। इससे क्लाउड सेवाओं पर निर्भरता कम होगी और इंटरनेट से कनेक्ट न होने पर भी दमदार AI क्षमताओं का इस्तेमाल किया जा सकेगा। मोबाइल असिस्टेंट से लेकर ऑफ़लाइन कोडर तक—हर चीज़ को अब सिस्टम डेवलपर और टेक के शौकीन लोग Gemma 4 पर तुरंत आज़मा सकते हैं।
AI को अब पर्सनलाइज़्ड और ज़्यादा किफ़ायती बना दिया गया है!




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