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Google के Vibe Coding XR रिसर्च ने एक नया और ज़बरदस्त XR कॉन्सेप्ट पेश किया है। इसकी मदद से कोई भी व्यक्ति, भले ही उसे पारंपरिक कोडिंग का कोई अनुभव न हो, XR के शानदार अनुभव (immersive experiences) तैयार कर सकता है।
यह टूल, जो Gemini और ओपन-सोर्स XR Blocks फ्रेमवर्क पर आधारित है, हाथ से लिखे गए प्राकृतिक भाषा के वाक्यों को 60 सेकंड से भी कम समय में एक पूरी तरह से सिम्युलेटेड WebXR में बदल सकता है। इस WebXR को Android XR पर चलाया जा सकता है और इसमें ग्राफ़िक्स तथा सिम्युलेटेड फ़िज़िक्स भी शामिल हो सकते हैं।
उपयोगकर्ता इन स्थानिक अनुभवों (spatial experiences) को सीधे Chrome डेस्कटॉप सिम्युलेटर पर या Samsung Galaxy XR जैसे Android XR डिवाइस पर बना सकते हैं। जटिल स्थानिक लॉजिक, मल्टी-मॉडल फ़्लो और जनरेटिव AI इंटीग्रेशन जैसी चीज़ों को यह सिस्टम अपने आप ही संभाल लेता है। इसका नतीजा यह होता है कि एक्सटेंडेड रियलिटी (XR) डेवलपमेंट अब डेवलपर्स, क्रिएटर्स और डिज़ाइनर्स—सभी के लिए उपलब्ध हो जाता है।
इसके कुछ उदाहरण हैं—इंटरैक्टिव गणित ट्यूटर, फ़िज़िक्स लैबोरेटरी और केमिस्ट्री मॉडलिंग। XR Blocks एक ओपन-सोर्स फ्रेमवर्क है, जो इस वर्कफ़्लो का मुफ़्त वेब-आधारित डेमो xrblocks.github.io/gem पर उपलब्ध कराता है। यह स्थानिक कंप्यूटिंग (spatial computing) को सभी के लिए सुलभ बनाने और AI + XR के क्षेत्र में तेज़ी से इनोवेशन करने की दिशा में एक अहम कदम है।
यह इनोवेशन 'Vibe Coding' के बढ़ते चलन पर आधारित है। इस चलन के तहत, Google के AI टूल्स में 'हाई-लेवल इंटेंट' (उच्च-स्तरीय इरादे) अब 'लो-लेवल प्रोग्रामिंग' (निम्न-स्तरीय कोडिंग) की जगह ले रहे हैं।




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