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7 मई, 2026 को, हैदराबाद स्थित स्पेस-टेक स्टार्टअप Skyroot Aerospace ने भारतीय निजी अंतरिक्ष उद्योग के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। कंपनी ने $60 मिलियन (लगभग ₹570 करोड़) की फंडिंग जुटाकर आज भारत का पहला स्पेस-टेक यूनिकॉर्न बनने का गौरव प्राप्त किया।
राम श्रीराम के Sherpalo Ventures और सिंगापुर के GIC ने इस फंडिंग राउंड का नेतृत्व किया। इस फंडिंग राउंड में BlackRock, Greenko के संस्थापकों, Arkam Ventures और अन्य निवेशकों ने भी हिस्सा लिया। वैल्यू में इस बढ़ोतरी से Skyroot की कुल वैल्यू बढ़कर $1.1 बिलियन हो जाएगी, जबकि 2023 में यह लगभग $550 मिलियन थी।
2018 में ISRO के पूर्व इंजीनियरों पवन कुमार चंदना और नागा भरत डाका द्वारा शुरू की गई Skyroot, छोटे सैटेलाइट लॉन्च के लिए कम लागत और तेज़ पहुँच सुनिश्चित करने हेतु 'विक्रम' सीरीज़ के रॉकेट बना रही है। कंपनी पहले ही अपना पहला निजी रॉकेट लॉन्च (Vikram-S) सफलतापूर्वक कर चुकी है और अब Vikram-I के साथ अपने पहले ऑर्बिटल रॉकेट लॉन्च के लिए पूरी तरह तैयार है।
Google के शुरुआती निवेशकों और बोर्ड सदस्यों में से एक, राम श्रीराम के भी Skyroot के बोर्ड में शामिल होने की उम्मीद है। यह नया निवेश भारत के तेज़ी से बढ़ते निजी अंतरिक्ष उद्योग में लॉन्च वाहनों की तैयारी, लॉन्च पैड की स्थापना और व्यावसायिक कार्यों को गति देने में सहायक सिद्ध होगा।
यह उपलब्धि भारत की 'आत्मनिर्भर भारत' पहल के तहत अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक बहुत बड़ा कदम है।




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