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इज़राइल और लेबनान के बीच संघर्ष-विराम के कारण दो सप्ताह की शांति के बाद, 17 अप्रैल 2026 को, ईरान ने घोषणा की कि स्ट्रेट ऑफ़ hoर्मुज़, संघर्ष-विराम की समय सीमा समाप्त होने तक, व्यापारिक जहाज़ों के लिए पूरी तरह से खुला रहेगा। लेकिन ईरानी सरकारी मीडिया (तसनीम) और अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सुरक्षित मार्ग की
उनकी माँग के साथ तीन कड़ी शर्तें जुड़ी हैं:
- केवल व्यापारिक जहाज़ों को ही गुज़रने की अनुमति होगी, सैन्य जहाज़ों को नहीं।
- शत्रु देशों के साथ कोई संबंध नहीं—जहाज़ और उसमें मौजूद सामग्री का अमेरिका, इज़राइल या युद्ध में उनके सहयोगियों के साथ कोई संबंध नहीं होना चाहिए।
- अनिवार्य समन्वय: यह शर्त अनिवार्य है; इसके तहत सभी जहाज़ों को 'बंदरगाह और समुद्री संगठन' (Ports and Maritime Organization) द्वारा घोषित आधिकारिक मार्गों का पालन करना होगा और 'इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स' (IRGC) की नौसेना के साथ अपने मार्ग का समन्वय करना होगा।
विदेश मंत्री अब्बास अराघची के हवाले से कहा गया है कि जहाज़ पहले से घोषित और समन्वित मार्गों से ही गुज़रेंगे। शिपिंग कंपनियाँ अभी भी समुद्री-सुरंगों (mines) और बीमा संबंधी जोखिमों को लेकर, और यहाँ तक कि ईरान से जुड़े किसी भी जहाज़ पर अमेरिकी नौसेना द्वारा नाकाबंदी किए जाने की आशंका को लेकर संशय में हैं। इस कदम का उद्देश्य दुनिया भर में तेल की आपूर्ति को लेकर व्याप्त चिंताओं को शांत करना है, ताकि ईरान का इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग (चोक पॉइंट) पर से नियंत्रण भी न हटे।




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