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मॉनसून सत्र के दौरान लगातार हंगामे के बाद लोकसभा को सोमवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया। विपक्षी सांसदों ने NEET पेपर लीक और शिक्षा से जुड़े अन्य मुद्दों पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग करते हुए "इस्तीफ़ा-इस्तीफ़ा" के ज़ोरदार नारे लगाए।
सदन के भीतर सदस्यों के विरोध के कारण कार्यवाही बार-बार बाधित हुई। पीठासीन अधिकारी जगदंबिका पाल ने दिन के लिए बैठक स्थगित कर दी, जिससे सत्र का पहला हफ़्ता बहुत कम कामकाज के साथ समाप्त हुआ। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार पेपर लीक के मुद्दे पर बहस के लिए तैयार थी, लेकिन विपक्ष मंत्री के इस्तीफ़े की अपनी मांग पर अड़ा रहा।
संसद के भीतर का यह हंगामा जंतर-मंतर पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' के नेतृत्व में चल रहे छात्र विरोध प्रदर्शनों की झलक दिखाता है। सदन का स्थगन शिक्षा प्रणाली में जवाबदेही को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच बढ़ते राजनीतिक टकराव को उजागर करता है।




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