Story Content
तुकाराम हरिभाऊ मुंडे 2005 बैच के महाराष्ट्र-कैडर के IAS अधिकारी हैं, जो राज्य के ‘सिंघम IAS’ के रूप में सोशल मीडिया पर छा गए हैं। 3 जून 1975 को बीड ज़िले के ताडसोना गाँव में एक किसान परिवार में जन्मे मुंडे ने साधारण पृष्ठभूमि से उठकर 2004 की UPSC परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 20 हासिल की।
दो दशकों में उन्हें लगभग 25 बार तबादले का सामना करना पड़ा है। ये तबादले अक्सर भ्रष्टाचार, अवैध रेत खनन और ताकतवर लॉबी के खिलाफ उनकी बिना किसी समझौते वाली लड़ाई से जुड़े रहे हैं। समर्थक उन्हें ‘जनता का अधिकारी’ कहते हैं, जबकि आलोचक उन्हें सख्त या अड़ियल मानते हैं।
मई 2026 में महाराष्ट्र FDA कमिश्नर बनने के बाद से, मुंडे ने रेस्तरां, डेयरी और गुटखा नेटवर्क पर राज्यव्यापी छापेमारी का नेतृत्व किया है। उन्होंने लगभग 100 लाइसेंस निलंबित किए हैं, करोड़ों रुपये का मिलावटी खाद्य पदार्थ जब्त किया है और स्कूलों के पास जंक फूड पर प्रतिबंध लगाया है। पुणे में एक कार्यक्रम के दौरान उन्हें मिला ‘स्टैंडिंग ओवेशन’ (खड़े होकर सम्मान देना) वायरल हो गया, जो उनके सख्त और स्पष्ट काम करने के तरीके के लिए जनता की प्रशंसा को दर्शाता है।
मुंडे एक ईमानदार नौकरशाह की मिसाल बने हुए हैं, जो राजनीतिक दबाव के बजाय जनहित को प्राथमिकता देते हैं।




Comments
Add a Comment:
No comments available.