Story Content
इस बार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस नेता राहुल गांधी को सचमुच एक बेझिझक बातचीत करते हुए देखा गया। यह मौका शनिवार को संसद परिसर में आयोजित एक श्रद्धांजलि कार्यक्रम का था, जिसमें सामाजिक सुधारक ज्योतिबा फुले की 200वीं जयंती के अवसर पर विभिन्न आमंत्रित मेहमान और आगंतुक शामिल हुए थे। यह संक्षिप्त मुलाकात तब हुई जब वरिष्ठ नेता—राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा व अर्जुन राम मेघवाल—श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए 'प्रेरणा स्थल' पर पहुंचे। हमारे पास मोदी और राहुल का एक वीडियो रिकॉर्डिंग मौजूद है, जिसमें वे एक-दूसरे के बगल में खड़े होकर दोस्ताना अंदाज़ में बातचीत कर रहे हैं, और उनके आस-पास अन्य लोग भी खड़े हैं। यह वीडियो, जिसे ANI जैसे कई समाचार माध्यमों ने प्रकाशित किया, सोशल मीडिया पर तेज़ी से फैल गया। संसद के भीतर अक्सर देखने को मिलने वाले तीखे और गरमागरम माहौल से हटकर, इन दो हाई-प्रोफाइल राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों को एक साथ हल्के-फुल्के पलों का आनंद लेते देखना इंटरनेट यूज़र्स के लिए काफी आश्चर्यजनक था। कई लोगों के मन में यह सवाल था कि आखिर ये दोनों किस विषय पर चर्चा कर रहे थे; लोगों ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए जहां एक ओर राजनीतिक मर्यादा बनाए रखने की अपील की, वहीं दूसरी ओर मज़ेदार मीम्स भी बनाए। इस आश्चर्यजनक और सौहार्दपूर्ण पल ने भारतीय राजनीति के भीतर एकता के विषय पर नई चर्चाओं को जन्म दिया है, क्योंकि इस घटना ने सामाजिक न्याय और शिक्षा के क्षेत्र में ज्योतिबा फुले के योगदान को एक बार फिर से सुर्खियों में ला दिया है। यह वीडियो अभी भी विभिन्न सोशल मीडिया साइट्स पर ट्रेंड कर रहा है।




Comments
Add a Comment:
No comments available.