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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक हफ़्ते से भी कम समय में अपना चौथा इंस्टाग्राम वीडियो पोस्ट किया है, जिसमें उन्होंने 'पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन बिल, 2026' के पास होने का जश्न मनाया है। सेल्फी-स्टाइल वाले इस मैसेज में, उन्होंने इस कानून को भारत की परीक्षा प्रणाली को और अधिक मज़बूत और भरोसेमंद बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया।
संसद के दोनों सदनों से मंज़ूरी पाने वाले इस बिल में पेपर लीक में शामिल लोगों के लिए सख्त सज़ा का प्रावधान है—जिसमें 5-10 साल की जेल और भारी जुर्माना शामिल है। यह राज्यों को फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने का अधिकार भी देता है, जिन्हें तीन महीने के भीतर सुनवाई पूरी करनी होगी।
मोदी ने दर्शकों को याद दिलाया कि पेपर लीक लंबे समय से देश भर के छात्रों के भविष्य के लिए खतरा बने हुए हैं। उन्होंने टेक्नोलॉजी पर आधारित सुधारों, एक हाई-पावर्ड टास्क फोर्स और "पेपर माफिया" के प्रति ज़ीरो टॉलरेंस (सख्त रुख) के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया।
नागरिकों से विकसित भारत (Viksit Bharat) के सपने की ओर कंधे से कंधा मिलाकर चलने का आग्रह करते हुए, प्रधानमंत्री की यह लेटेस्ट रील Gen Z और युवा उम्मीदवारों के साथ उनके सीधे जुड़ाव को जारी रखती है।




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