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AI summit में प्रधानमंत्री मोदी ने दुनिया के सामने Ai से जुड़ा अपना MANAV Vision रखा, उन्होंने इस विजन को टेक्नोलॉजी के लिए एक ह्यूमन-सेंट्रिक अप्रोच के तौर पर बताया जो एथिकल, अकाउंटेबल और इनक्लूसिव डेवलपमेंट पर जोर देता है।
पीएम मोदी ने कहा, 'भारत AI को किस दृष्टि से देखता है। उसका स्पष्ट प्रतिबिंब इस समिट की थीम में है - सर्वजन हिताय - सर्वजन सुखाय। यही हमारा बेंचमार्क है। पीएम मोदी ने कहा कि एआई के लिए इंसान सिर्फ डाटा प्वाइंट न बन कर जाए इंसान, सिर्फ रॉ मैटेरियल तक सीमित नहीं रह जाए, इसलिए एआई को डेमोक्रिटाइज करना होगा। इसे इन्क्लूजन का माध्यम बनाना होगा, विशेष रूप से ग्लोबल साउथ का, हमें एआई को खुला आसमान भी देना है और कमांड भी अपने हाथ में रखना है।
प्रधानमंत्री ने MANAV विजन की व्याख्या करते हुए बताया कि M का अर्थ है मोरल एंड एथिकल सिस्टम, यानी एआई का विकास नैतिक मूल्यों और स्पष्ट दिशानिर्देशों पर आधारित होना चाहिए। A का अर्थ अकाउंटेबल गवर्नेंस है, जिसमें पारदर्शी नियम, मजबूत निगरानी व्यवस्था और राष्ट्रीय संप्रभुता सुनिश्चित हो। उन्होंने कहा कि ‘जिसका डेटा, उसका अधिकार’ के सिद्धांत को AI विकास का आधार बनाया जाना चाहिए। कुल मिलाकर MANAV Vision का मतलब मोरल एंड एथिकल सिस्टम, अकाउंटेबल गवर्नेंस और नेशनल सावरेंटी है। उन्होंने आगे कहा कि एआई किसी एक संस्था या देश के लिए एकाधिकार का साधन नहीं, बल्कि विकास का वाहक बनना चाहिए। एआई सिस्टम को वैलिड, सिक्योर और वेरिफाइड होने की आवश्यकता पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह दृष्टिकोण मानवता के कल्याण के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा।




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