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लद्दाख के मशहूर एक्टिविस्ट और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक को शनिवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध स्थल से हटाकर दिल्ली पुलिस सफदरजंग अस्पताल ले गई। यह उनकी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल का 21वां दिन था। यह कदम उनकी बिगड़ती सेहत की खबरों और दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देशों व चिकित्सीय सलाह के बाद उठाया गया। वांगचुक जून के आखिर से 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के विरोध प्रदर्शन के तहत उपवास कर रहे थे। वे NEET-UG 2026 परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। जब पुलिस उन्हें ले जा रही थी, तो वहां मौजूद समर्थकों ने नारे लगाए। इस विरोध प्रदर्शन ने छात्रों, मशहूर हस्तियों और एक्टिविस्ट का काफी ध्यान खींचा है, जो शिक्षा प्रणाली की कमियों को उजागर कर रहे हैं। SECMOL और पर्यावरण संरक्षण के लिए काम करने वाले वांगचुक, शिक्षा सुधार और जवाबदेही की लड़ाई का प्रतीक बने हुए हैं। जैसे-जैसे यह आंदोलन पूरे देश में ज़ोर पकड़ रहा है, उनकी सेहत पर बारीकी से नज़र रखी जा रही है।




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