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पाकिस्तान के लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के संभावित टेररिस्ट हमले की इंटेलिजेंस ने भारतीय सिक्योरिटी एजेंसियों को दिल्ली में हाई अलर्ट कर दिया है। कहा जा रहा है कि यह ग्रुप चांदनी चौक इलाके में मशहूर लाल किले और मंदिर के पास एक इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) हमले की प्लानिंग कर रहा है, जो बहुत ज़्यादा आबादी वाला इलाका है। कहा जा रहा है कि यह कहानी 6 फरवरी, 2026 को पाकिस्तान के इस्लामाबाद में एक मस्जिद में हुए सुसाइड बॉम्बिंग का बदला है, जिसमें 31 लोग मारे गए थे और 160 से ज़्यादा घायल हुए थे।
मीडिया हाउस को मिली इंटेलिजेंस रिपोर्ट के मुताबिक, LeT ने लाल किले के पास के इलाकों जैसी बड़ी धार्मिक जगहों और हेरिटेज जगहों पर ज़्यादा लोगों के आने-जाने वाली जगहों पर रडार बनाए रखा है। सूत्रों ने ANI को बताया कि वे 6 फरवरी को इस्लामाबाद में मस्जिद में हुए ब्लास्ट का बदला लेने के लिए भारतीयों पर बड़ा हमला करने की प्लानिंग कर रहे थे। यह चेतावनी नवंबर 2025 में लाल किले के पास हुए ऐसे ही एक धमाके से पहले दी गई थी, जिसमें एक टेरर नेटवर्क का पता चला था जो बड़े पैमाने पर टेरर से जुड़ी एक्टिविटीज़ में शामिल होने की प्लानिंग कर रहा था।
पुरानी दिल्ली के बड़े इलाकों में भी सिक्योरिटी बढ़ा दी गई है, धार्मिक और हेरिटेज जगहों पर ज़्यादा पेट्रोलिंग, सर्विलांस और इंस्पेक्शन किए जा रहे हैं। दिल्ली पुलिस और दूसरी एजेंसियां, खासकर चांदनी चौक जैसी बिज़ी जगहों पर किसी भी मुश्किल को नाकाम करने के लिए एक्स्ट्रा अलर्ट पर हैं। 2008 के मुंबई हमलों और दूसरी गतिविधियों के लिए ज़िम्मेदार LeT को UN और दूसरे देशों ने एक ग्लोबल आतंकवादी संगठन साबित किया है।
इसे भारत और पाकिस्तान के बीच सीमा पार आतंकवाद को लेकर मौजूदा तनाव के बीच बनाया गया है। कानून लागू करने वाली एजेंसियां लोगों को संदिग्ध चीज़ों की रिपोर्ट करने के लिए बढ़ावा देती हैं और यह भी कहती हैं कि इंटेलिजेंस के मामले में जल्दी कार्रवाई करने से उनके काउंटरपार्ट्स को पहले के खतरों को रोकने में मदद मिली है। करीब से नज़र रखी जा रही है और खबर है कि 21 फरवरी, 2026 तक कोई घटना नहीं हुई है। सुरक्षित रहें और जानकारी रखें!




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