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भारत की केंद्रीय गवर्मेंट ने सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) को यह सूचना दी है कि विजय माल्या (Vijay Mallya), नीरव मोदी (Nirav Modi) तथा मेहुल चौकसी (Mehul Choksi) से बैंकों ने 18,000 करोड़ रुपयों की वसूली कर ली है. सॉलिसिटर ज़नरल तुषार मेहता की अगुवाई में केंद्र सरकार ने उच्चतम न्यायालय को बताया कि यह संपूर्ण धन उक्त बैंकों को ही वापस किया गया है. सरकार ने यह बात न्यायाधीश ए एम खानविलकर की अध्यक्षता वाली बेंच को बताया है कि इस तरह के सभी केसेज़ में कोर्ट के द्वारा पारित किये गये किसी भी तरह के कठोर कार्रवाई के अंतर्गत बेंच द्वारा दिये गये आदेशों द्वारा रिकवर किये गये कुल धन लमसम 67,000 करोड़ रूपये के आसपास हैं.
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उच्चतम न्यायालय ने बीते दिनों पूर्व भारतीय अरबपति और भगोड़े व्यापारी विजय माल्या के विरूद्ध कोर्ट की अवमानना करने के मामले को 24 फरवरी तक के लिए टाल दिया था, जिसके तहत उन्हें या तो स्वयं से या वकील के साथ से पेशी पर आने का अंतिम मौके के रूप में दो हफ्ते का वक्त मिला था. विजय माल्या धोखेधड़ी और मनी-लॉन्ड्रिंग के इल्जामों का सामना करने को लेकर भारत में वांछित है और ब्रिटेन में जमानती प्रक्रिया पर रह रहा है जिसके तहत वह एक गोपनीय कानून का प्रक्रिया को पूरा कर रहा है, और वहाँ रह पा रहा है.




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