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योगी सरकार के राज में बाहुबलियों का बल हुआ कम, मुख्तार अंसारी को दूसरी बार हुई उम्र कैद

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के राज में बाहुबलियों का बल खत्म होता नजर आ रहा है। बता दें कि, राजनीति में 1996 से 2017 तक लगातार पांच चुनाव में मऊ सदर सीट से विधायक बनने वाले मुख्तार अंसारी का दबदबा अब खत्म हो चुका है।

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Image Credit: मुख्तार अंसारी
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By Taniya Instafeed | खबरें - 13 March 2024

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के राज में बाहुबलियों का बल खत्म होता नजर आ रहा है। बता दें कि,  राजनीति में 1996 से 2017 तक लगातार पांच चुनाव में मऊ सदर सीट से विधायक बनने वाले मुख्तार अंसारी का दबदबा अब खत्म हो चुका है। अब समय इतना बदल चुका है की योगी सरकार के राज में बाहुबली ढेर हो रहे हैं। बता दें कि,पूर्व विधायक नेता मुख्तार अंसारी को उम्र कैद की सजा हुई है। फर्जी शस्त्र लाइसेंस से जुड़े मामले में दोषी पाए गए हैं, इसके बाद वाराणसी की एमपी-एमएलए कोर्ट ने सजा सुनाई है।

अंसारी को उम्र कैद की सजा

अधिक जानकारी के लिए बता दे कि, मुख्तार अंसारी को आम चुनाव 2024 से पहले बड़ा झटका लगा है। कोर्ट की तरफ से मुख्तार अंसारी को आजीवन कारावास और 2.20 लाख के जुर्माने की सजा सुनाई गई है। इतना ही नहीं वाराणसी के विशेष न्यायाधीश अवनीश गौतम की कोर्ट ने पूर्व विधायक मुख्तार अंसारी को फर्जी ढंग से शस्त्र लाइसेंस लेने के मामले में यह सजा सुनाई है। बाहुबली के खिलाफ आईपीसी की धारा 428, 467, 468, 120बी व आर्म्स एक्ट के तहत मुख्तार पर आरोप सिद्ध होने के बाद दोषी माना गया है।

फर्जीवाड़ा आया सामने

सूत्रों के मुताबिक, मुख्तार अंसारी ने 10 जून 1987 को दोनाली बंदूक के लाइसेंस के लिए गाजीपुर के जिला मजिस्ट्रेट को प्रार्थना पत्र दिया था। अंसारी ने तत्कालीन डीएम व एसपी के फर्जी हस्ताक्षर से संतुष्टि पत्र प्रस्तुत करके लाइसेंस प्राप्त किया। जब यह फर्जीवाड़ा सामने आया तो सीबीसीआईडी ने 4 दिसंबर 1990 को गाजीपुर के मोहम्मदाबाद थाने में मुख्तार अंसारी, तत्कालीन डिप्टी कलेक्टर समेत 5 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया।

इन मामलों में हो चुकी है सजा

यह पहला मामला नहीं है जब मुख्तार अंसारी को सजा सुनाई गई है, इससे पहले भी उनके खिलाफ 7 मामले दर्ज किए गए थे। वहीं, अब यह आठवां ताजा मामला है। बता दें कि, इससे पहले फर्जी असलहा लाइसेंस प्रकरण, रूंगटा परिवार को बम से उड़ाने की धमकी, अवधेश राय हत्याकांड, सरकारी कर्मचारियों को धमकाना जैसे संगीन मामलों में अंसारी को सजा सुनाई जा चुकी है।

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