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भारत के दूरसंचार विभाग (DoT) ने WhatsApp और अन्य इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप्स के लिए वेब/डेस्कटॉप संस्करणों में 2025 के अंत से "सिम बाइंडिंग" और 6 घंटे के अनिवार्य लॉगआउट को लागू करना अनिवार्य कर दिया है। जिसका मतलब हुआ कि मोबाइल में एक्टिव सिम से ही वॉट्सएप-टेलीग्राम-स्नैपचैट जैसे मैसेजिंग ऐप चलेंगे, अगर किसी भी कारण से फोन से सिम हटाएंगे तो ऐप बंद हो जाएगा। इन सुरक्षा उपायों के माध्यम से भारत के दूरसंचार विभाग (DoT) यह सुनिश्चित करके डिजिटल धोखाधड़ी को रोकना चाहते है । केंद्र सरकार ने शनिवार को मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स को लेकर नया आदेश जारी किया। वॉट्सएप, टेलीग्राम, सिग्नल, स्नैपचैट, शेयरचैट, जिओचैट, अराटाई और जोश जैसे मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स मोबाइल में एक्टिव सिम कार्ड के बिना नहीं चल पाएंगे। सरकार का दावा है कि इससे साइबर धोखेबाजों का पता लगाने में मदद मिलेगी। दूरसंचार विभाग के आदेश में कहा गया है कि मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स यह तय करें ऐप तभी चलेगा, जब यूजर को रजिस्टर्ड सिम उस मोबाइल में एक्टिव होगी। इतना ही नहीं ‘सिम बाइंडिंग’ के तहत अगर मोबाइल से सिम निकाल ली जाती है तो वॉट्सएप और बाकी दूसरे मैसेजिंग ऐप भी बंद हो जाएंगे।
DoT की ओर से यह आदेश WhatsApp, Telegram और सिंगनल जैसे सभी मैसेजिंग ऐप्स के लिए पिछले साल लाया गया था। अब WhatsApp के बीटा वर्जन 2.26.8.6 पर इससे जुड़ा एक पॉप-अप देखा गया है। ऐसे में मान कर चला जा सकता है कि जल्द इसे भारतीय यूजर्स के लिए पेश कर दिया जाएगा। इसके बाद यूजर्स बिना सिम कार्ड को फोन में डाले, उस नंबर से जुड़ा अकाउंट फोन में नहीं चला पाएंगे। साथ ही फोन से सिम निकालने पर WhatsApp भी लॉगआउट हो जाएगा।
इस फीचर से जुड़ा एक पॉप-अप या कहें कि नोटिफिकेशन WA Beta Info ने अपने X अकाउंट पर शेयर किया है। इस पॉप-अप को WhatsApp के बीटा वर्जन 2.26.8.6 पर देखा गया है। जहां साफ दिखाई दे रहा है कि यूजर्स भारत सरकार के आदेशों के चलते फोन में अपने अकाउंट को एक्सेस करने के लिए उस अकाउंट से जुड़े नंबर का सिम लगाने के लिए कहा जा रहा है।




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