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रांची जिले के ग्रामीण इलाके से आने वाले छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो, भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ झारखंड में चल रहे विरोध प्रदर्शनों का चेहरा बनकर उभरे हैं। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा बुंडू में पूरी की और संस्कृत तथा कुर्माली (आदिवासी और क्षेत्रीय भाषाएं) में पोस्ट-ग्रेजुएट डिग्री के साथ-साथ B.Ed. भी किया है। हफ़्तों तक चले प्रदर्शनों का कोई नतीजा न निकलने के बाद, महतो ने 2 अगस्त को रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की। छात्र 14वीं JPSC सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा, JSSC-CGL और अन्य परीक्षाओं की CBI और ED से जांच कराने, साथ ही विवादित प्रारंभिक परीक्षा को रद्द करने की मांग कर रहे हैं। जुलाई की शुरुआत में शुरू हुए इस आंदोलन की तुलना सोनम वांगचुक के हालिया उपवास से की जा रही है। महतो ने कहा है कि यह आंदोलन पारदर्शी और भ्रष्टाचार-मुक्त भर्ती प्रणाली के लिए है, न कि व्यक्तिगत या राजनीतिक लाभ के लिए।




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