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धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सोमावर का दिन भगवान शिवजी की पूजा के लिए समर्पित होता है. लेकिन सावन माह में पड़ने वाले सोमवार का महत्व और अधिक बढ़ जाता है. क्योंकि यह माह भगवान का प्रिय माह होता है. इसलिए सनातन धर्म में सावन में पड़ने वाले सोमवार व्रत का विशेष महत्व होता है. भगवान शिवजी को तीन अंक प्रिय होता है, इसलिए भी तीसरे सोमवार को खास माना जाता है. इस दिन किए गए पूजा-पाठ और व्रत से भगवान प्रसन्न होकर आशीर्वाद देते हैं. जानते हैं भगवान शिव के तीन अंक का रहस्य और सावन की तीसरी सोमवारी के बारे में.
शिवजी को प्रिय है तीन अंक
आमतौर पर तीन अंक को शुभ नहीं माना जाता है. लेकिन भगवान शिव का तीन अंक के साथ गहरा नाता है. उन्हें तीन अंक अतिप्रिय है. क्योंकि शिवजी की हर चीज तीन अंक से जुड़ी हुई है. भगवान शिव के त्रिशूल में तीन शूल, शिवजी की तीन आंखे जिस कारण उन्हें त्रिनेत्रधारी भी कहा जाता है. शिवजी के मस्तिष्क पर तीन रेखाओं वाला त्रिपुंड और तीन पत्ते वाला बेलपत्र जिसके बिना शिवजी की कोई भी पूजा अधूरी मानी जाती है. शिवजी के इन तीन अंक से जुड़ी चीजों से कई पौराणिक और प्रचलित कथाएं भी मिलती है.




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