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असम विधानसभा चुनाव 2026 की गहमागहमी के बीच, 9 अप्रैल को जालुकबारी विधानसभा क्षेत्र में मीडिया से बातचीत के दौरान, मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की 'लल्लनटॉप' के पत्रकार सिद्धांत मोहन के साथ कैमरे पर ही तीखी बहस हो गई। रिपोर्टर ने CM को उनकी कथित असंसदीय भाषा और कांग्रेस के नेताओं – जैसे पवन खेड़ा और मल्लिकार्जुन खड़गे – के खिलाफ इस्तेमाल किए गए कड़े शब्दों को लेकर चुनौती दी।
इस बात से बेहद नाराज़ होकर सरमा ने जवाब दिया, "मेरी भाषा 'लल्लनटॉप' से हमेशा अच्छी होती है।" इस पर रिपोर्टर ने तुरंत पलटवार करते हुए कहा, "हमें आपके सर्टिफिकेट की ज़रूरत नहीं है।" इसके बाद CM ने साफ़ तौर पर कहा कि उन्हें किसी सर्टिफ़िकेट की ज़रूरत नहीं है, और यह भी कहा कि उन्होंने कोई प्रेस कॉन्फ़्रेंस भी नहीं बुलाई थी, और वे अब इस पर कोई और जवाब नहीं देना चाहते।
यह छोटा लेकिन जोशीला वीडियो सोशल मीडिया पर ज़बरदस्त तरीक़े से ट्रेंड कर रहा है। इस पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएँ आ रही हैं—कुछ लोग CM के इस आक्रामक अंदाज़ के समर्थन में हैं, तो कुछ लोग राजनीति के इस अंदाज़ का विरोध कर रहे हैं। यह घटना इस बात को रेखांकित करती है कि चुनाव प्रचार के आख़िरी दौर में किसी भी नेता की भूमिका पर बहुत बारीकी से नज़र रखी जाती है।




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