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आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने एक ज़बरदस्त चर्चा छेड़ दी है। उन्होंने प्रस्ताव दिया है कि भारत में शादीशुदा जोड़े अपना इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) एक साथ फाइल कर सकते हैं। हाल ही में दिए गए एक भाषण में, चड्ढा ने ज़ोर देकर कहा कि मौजूदा 'एक व्यक्ति-एक फाइल' सिस्टम उन परिवारों के लिए अन्यायपूर्ण है जहाँ पति-पत्नी दोनों कमाते हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि भारत को अपनी टैक्स प्रणाली को अन्य देशों, जैसे अमेरिका, की प्रथाओं के अनुरूप बनाने पर विचार करना चाहिए। अमेरिका में जॉइंट फाइलिंग से कई फायदे मिलते हैं, जैसे कि ज़्यादा टैक्स छूट, कम टैक्स दरें और आसान टैक्स प्रक्रियाएँ।
चड्ढा ने अपने मज़ाकिया अंदाज़ को जारी रखते हुए कहा कि जॉइंट ITR फाइलिंग की सुविधा मिलने पर, भारत में ज़्यादा लोग शादी करेंगे! उनकी इस हल्की-फुल्की टिप्पणी से लोग हँस पड़े और यह बात जल्द ही सोशल मीडिया पर फैल गई। इंटरनेट यूज़र्स टैक्स में मिलने वाले फायदों के कारण शादी की संख्या में संभावित उछाल को लेकर मज़ाक करने लगे।
आर्थिक क्षेत्र के विशेषज्ञों का कहना है कि जॉइंट फाइलिंग का उन जोड़ों की टैक्स देनदारी पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा, जिनमें से किसी एक साथी की आय काफी कम है। वहीं, कुछ विशेषज्ञों ने चिंता जताई है कि तलाक या अलग होने की प्रक्रिया के दौरान इससे कुछ जटिलताएँ पैदा हो सकती हैं। इस प्रस्ताव ने अगले केंद्रीय बजट से पहले टैक्स सुधारों पर बहस को फिर से तेज़ कर दिया है, और इसे भारत के मौजूदा परिवारों के लिए एक प्रगतिशील कदम के रूप में देखा जा रहा है।




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