Hindi English
Login
Image
Image
Breaking News

Welcome to Instafeed

Latest News, Updates, and Trending Stories

नवजोत कौर सिद्धू ने पंजाब में नई राजनीतिक पार्टी लॉन्च की! कांग्रेस से निकाले जाने के बाद एक बड़ा कदम – क्या इससे 2027 के चुनावों में हलचल मचेगी?

नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर सिद्धू ने कांग्रेस से अलग होने के बाद अपनी खुद की राजनीतिक पार्टी शुरू की है। यह कदम 'पंजाबियत' को एक नई आवाज़ देगा और राज्य की मुख्यधारा की पार्टियों को चुनौती देगा।

Advertisement
Image Credit: Navjot Kaur Sidhu & Navjot Singh Sidhu
Instafeed.org

By Jigyasa Sain | Faridabad, Haryana | राजनीति - 07 April 2026


कांग्रेस की पूर्व नेता और पूर्व विधायक डॉ. नवजोत कौर सिद्धू ने पंजाब की राजनीति में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए अपनी खुद की स्वतंत्र राजनीतिक पार्टी बनाने की घोषणा की। यह कदम उनके फरवरी 2026 में कांग्रेस पार्टी के आंतरिक मामलों को लेकर इस्तीफा देने के कई महीनों बाद आया है। उन्होंने संकेत दिया था कि पार्टी में होनहार नेताओं को आगे बढ़ाने के लिए उनके पास कोई जगह नहीं थी, और उन पर भ्रष्टाचार के आरोप भी लगे थे, जिसके चलते उन्हें आधिकारिक तौर पर पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था।

नवजोत कौर सिद्धू, जिन्होंने 'पंजाबियत' और विकास की एक मजबूत छवि बनाई है, ने अपनी नई पार्टी का एजेंडा राज्य के वास्तविक मुद्दों पर आधारित रखा है, जिसमें वंशवाद की राजनीति और धन-बल का कोई स्थान नहीं है। उन्होंने पंजाब को एक 'स्वर्ण राज्य' बनाने के बारे में ज़ोरदार ढंग से बात की है और परोक्ष रूप से कांग्रेस तथा अन्य पार्टियों, दोनों पर निशाना साधा है।

हालांकि पार्टी का नाम, चुनाव चिह्न और पूरा एजेंडा संभवतः निकट भविष्य में ही सामने आएगा, लेकिन कहा जा रहा है कि यह पार्टी भविष्य के चुनावों में एक बड़ी चुनौती पेश करेगी, जिसका मुख्य ज़ोर महिला सशक्तिकरण, किसानों के मुद्दों और सुशासन पर होगा। उनके पति नवजोत सिंह सिद्धू भी सक्रिय राजनीति से दूर हैं और कथित तौर पर मनोरंजन के क्षेत्र में व्यस्त हैं। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना ​​है कि इस नए मोर्चे में वोटों को बांटने और पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक उथल-पुथल को और बढ़ाने की क्षमता है। इस मोर्चे के लॉन्च को लेकर राज्य में पहले से ही दिलचस्पी और विवाद पैदा हो गए हैं, जिसके चलते पंजाब में एक बार फिर से बड़े पैमाने पर राजनीतिक समीकरणों में बदलाव देखने को मिलेगा।

Advertisement
Image
Advertisement
Comments

No comments available.