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AICC मीडिया और प्रचार विभाग के अध्यक्ष तथा कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने तेलंगाना हाई कोर्ट में एक याचिका दायर कर अग्रिम ज़मानत (जिसमें यात्रा की स्वतंत्रता भी शामिल है) की मांग की है। यह याचिका असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी, रिनिकी भुइयां सरमा द्वारा उनके खिलाफ दर्ज कराई गई FIR के संदर्भ में है। यह मामला खेड़ा द्वारा हाल ही में की गई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस पर आधारित है, जिसमें उन्होंने रिनिकी पर कई विदेशी पासपोर्ट (UAE और अन्य देशों के) रखने और विदेशों में अघोषित संपत्ति होने का आरोप लगाया था। सरमा परिवार ने इन आरोपों का पुरज़ोर खंडन किया है। FIR में 'भारतीय न्याय संहिता' (BNS) की कुछ धाराओं का ज़िक्र है, जैसे—गलत जानकारी देना, जालसाज़ी, धोखाधड़ी, आपराधिक धमकी और आपराधिक साज़िश। असम पुलिस 7 अप्रैल को खेड़ा के दिल्ली स्थित आवास पर पहुंची थी और उसके बाद उन्हें तलाशने में मदद के लिए हैदराबाद भी गई थी। खेड़ा ने 7 अप्रैल को दायर अपनी याचिका में आरोप लगाया है कि उन्हें FIR की कोई प्रति (कॉपी) नहीं दी गई है, और उनके खिलाफ लगाए गए आरोप ऐसे नहीं हैं जिनके आधार पर कोई संज्ञेय (cognizable) मामला बनता हो। इस मामले की सुनवाई आज तेलंगाना हाई कोर्ट में होनी है। इससे आज मतदान की शुरुआत के साथ ही, चुनाव वाले असम में राजनीतिक खींचतान और तेज़ हो गई है।




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