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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए 3 अप्रैल को शुरू हुआ चुनावी अभियान 9 अप्रैल को एक नए मुकाम पर पहुँच गया। इस दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हल्दिया और बीरभूम में रैलियाँ कीं और सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर ज़ोरदार हमला बोला। मोदी ने 2022 के बोगतुई नरसंहार का ज़िक्र करते हुए TMC पर 'महा जंगल राज' फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पार्टी अवैध घुसपैठ में मदद करती है, लेकिन इसका खामियाज़ा स्थानीय लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
PM ने बंगाल की जनता से 6 वादे किए हैं, जो BJP के सत्ता में आने पर पूरे किए जाएँगे: डर खत्म करने के लिए सख्त कानून-व्यवस्था, पूरी जवाबदेही तय करना, भ्रष्टाचार और बलात्कार के सभी बंद पड़े मामलों की फिर से जाँच और दोषियों पर मुकदमा चलाना, TMC के भ्रष्ट नेताओं को (चाहे उनका पद कितना भी बड़ा क्यों न हो) जेल भेजना, घुसपैठियों को बाहर निकालना, और राज्य कर्मचारियों के लिए 7वें वेतन आयोग को तत्काल प्रभाव से लागू करना।
ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली TMC ने अपने कल्याणकारी कार्यक्रमों का बचाव करते हुए पलटवार किया है। उसने BJP पर विभाजनकारी राजनीति करने का आरोप लगाया है। दो चरणों में मतदान (23 अप्रैल और 29 अप्रैल) की योजना बनाई गई है, और मतदान के नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएँगे। बंगाल के भविष्य को लेकर लड़ी जा रही इस ज़ोरदार लड़ाई में, घुसपैठ और सुशासन से जुड़े वादे मुख्य मुद्दा बनकर उभरे हैं।




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