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सनराइजर्स हैदराबाद के उप-कप्तान और विस्फोटक ओपनर अभिषेक शर्मा तब IPL मैच रेफरी की नज़र में आ गए, जब 2 अप्रैल 2026 को कोलकाता के ईडन गार्डन्स में उनकी टीम का मुकाबला कोलकाता नाइट राइडर्स से हो रहा था।
इस बाएं हाथ के खिलाड़ी को IPL आचार संहिता के अनुच्छेद 2.3 के तहत लेवल 1 का दोषी पाया गया। यह अनुच्छेद ऐसी अश्लील या अपशब्दों के इस्तेमाल से संबंधित है, जिन्हें दर्शक या टीवी पर मैच देख रहे लोग सुन सकते हैं—अक्सर ये शब्द स्टंप माइक में रिकॉर्ड हो जाते हैं।
शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, यह घटना तब हुई जब अभिषेक ने टीवी अंपायर नितिन मेनन द्वारा दिए गए एक विवादित कैच के फैसले पर आपत्ति जताई थी। उन्होंने अपना अपराध स्वीकार कर लिया और दी गई सज़ा को चुनौती नहीं दी।
सज़ा के तौर पर अभिषेक की मैच फीस का 25 प्रतिशत हिस्सा काट लिया गया है और उन्हें एक डिमेरिट पॉइंट भी दिया गया है। लेवल 1 के अपराधों के मामले में, मैच रेफरी द्वारा लिया गया फैसला ही अंतिम और बाध्यकारी माना जाता है।
मैदान के बाहर मिली इस सज़ा का अभिषेक के खेल पर कोई असर नहीं पड़ा, और उन्होंने SRH को मैच में शानदार प्रदर्शन करने में अहम भूमिका निभाई। IPL 2026 में मैदान पर अनुशासन से जुड़ी चिंताओं की यह सबसे ताज़ा घटना है। इस लीग में खेल की भावना को बनाए रखने के लिए आचार संहिता का सख्ती से पालन करवाया जाता है। प्रशंसकों के बीच मिली-जुली भावनाएँ हैं—कुछ लोग एक हाई-लेवल T20 मैच में भावनाओं के इस विस्फोट को सही ठहराते हैं, तो वहीं कुछ लोग मैदान पर खुले तौर पर ज़ाहिर की गई हताशा से सख्ती से निपटने की वकालत करते हैं।




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