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संजू सैमसन ने T20 वर्ल्ड कप के इतिहास में अपना नाम तब दर्ज कराया जब उन्होंने 8 मार्च को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में 2026 के फाइनल में न्यूज़ीलैंड को 96 रन से हराकर प्लेयर ऑफ़ द टूर्नामेंट का अवॉर्ड जीता। केरल के इस हीरो ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया, जब टीम दबाव में थी, तब भी उन्होंने लगातार रन बनाए और सबसे ज़्यादा रन बनाने वालों में शामिल रहे।
उनकी ज़िंदगी का सबसे बड़ा रोल उनका था: सिर्फ़ 46 गेंदों में शानदार 89 रन (8 चौके और 5 छक्के) बनाकर भारत को 255/5 के बड़े टोटल तक पहुंचाया, जिसे पहले ईशान किशन और अभिषेक शर्मा ने झेला था। न्यूज़ीलैंड के बॉलिंग अटैक को सैमसन की आक्रामक और शांत पारी ने तोड़ दिया, जिन्होंने हाई-स्कोरिंग पिच पर अपने बचाव लायक टोटल पर काफी डिफेंस किया।
एक ICC प्रो ने भी पूरे टूर्नामेंट में उनके असर की तारीफ़ की, जैसे सुपर 8 और सेमीफ़ाइनल में उनकी अहम पारियां। तारीफ़ में कहा गया कि संजू की तेज़ी और स्थिरता उन्हें बहुत ज़रूरी बनाती है। यह तारीफ़ सैमसन के शानदार सफ़र का अंत है, जिन्हें कप्तान सूर्यकुमार यादव और कोच गौतम गंभीर ने भी सराहा। सैमसन की ट्रॉफी भारत द्वारा दिए गए गोल्ड के अलावा थी, जब उन्होंने अपने तीसरे T20 वर्ल्ड कप और लगातार जीत का जश्न मनाया।




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