Story Content
नई दिल्ली, November 8, 2026: बच्चे को बुखार और खांसी है तो रहें सावधान, डॉक्टरों ने बताया कब बढ़ जाता है निमोनिया का खतरा।
बच्चे को बुखार और खांसी है तो रहें सावधान, डॉक्टरों ने बताया कब बढ़ जाता है निमोनिया का खतरा Written by : Vividha Singh Last Updated: November 07, 2026, 16:35 IST बच्चों में सर्दी-जुकाम और खांसी को अक्सर सामान्य मौसमी बीमारी समझकर नजरअंदाज कर दिया जाता है.
लेकिन सांस लेने में परेशानी, सीने का धंसना और असामान्य सुस्ती निमोनिया जैसी गंभीर बीमारी के संकेत हो सकते हैं.
डॉक्टरों से जानें किन लक्षणों पर तुरंत सावधान होने की जरूरत है....
ज्यादातर मामलों में ये वायरल संक्रमण के कारण होते हैं और आराम, पर्याप्त तरल पदार्थ और देखभाल से ठीक हो जाते हैं.
लेकिन हर बार खांसी-जुकाम को सामान्य मौसमी बीमारी समझना सही नहीं है.
कई बार इसके पीछे निमोनिया या अस्थमा जैसी गंभीर समस्या भी हो सकती है.
ऐसे में माता-पिता के लिए जरूरी है कि वे बच्चे के लक्षणों पर ध्यान दें और सांस लेने में परेशानी या व्यवहार में बदलाव दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें.
गुरुग्राम के पारस हेल्थ में पीडियाट्रिक्स विभाग के सीनियर डायरेक्टर और प्रमुख डॉ.
मनीष मन्नन के मुताबिक, नाक बहना, हल्का बुखार, गले में खराश और खांसी वायरल संक्रमण के सामान्य लक्षण हैं.
हालांकि, सिर्फ यह देखना काफी नहीं है कि बच्चे को कितने दिनों से खांसी या बुखार है.
उसकी सांस लेने की गति, पानी पीने की क्षमता, सक्रियता और सामान्य व्यवहार पर भी ध्यान देना चाहिए.
अगर बच्चा खांसी-जुकाम के बावजूद खेल रहा है, पर्याप्त पानी पी रहा है और सामान्य तरीके से सांस ले रहा है, तो यह राहत की बात हो सकती है.
लेकिन सांस तेज चलना, सांस लेते समय पसलियों के बीच या नीचे की त्वचा का अंदर खिंचना, नथुनों का फूलना और सांस फूलने के कारण ठीक से बोलने, रोने या दूध पीने में परेशानी होना खतरे के संकेत हैं.
इसके अलावा बच्चा असामान्य रूप से सुस्त रहने लगे, तरल पदार्थ पीने से मना करे या पेशाब कम करे, तो भी इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.
स्रोत: Instafeed Desk।
तस्वीर: per source. Please credit "Family photos of Infrogmation"., Wikimedia Commons, CC BY-SA 2.5

Comments
Add a Comment:
No comments available.