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केंद्रीय गृह मंत्री ने घोषणा की है कि अब से भारत के सभी इमरजेंसी नंबर एक ही नंबर—"112" पर उपलब्ध होंगे। 100 (पुलिस), 101 (फायर ब्रिगेड), 102/108 (एम्बुलेंस) या अन्य हेल्पलाइन नंबरों का उपयोग करने वाली सभी सेवाओं को अब 112 के माध्यम से निर्देशित किया जाएगा, ताकि वे और भी तेज़ी से प्रतिक्रिया दे सकें।
इस कदम का उद्देश्य अत्याधुनिक तकनीक, GPS ट्रैकिंग और प्रशिक्षित ऑपरेटरों की मदद से एक आधुनिक और केंद्रीकृत 'इमरजेंसी रिस्पॉन्स सपोर्ट सिस्टम' (ERSS) स्थापित करना है, ताकि त्वरित सहायता सुनिश्चित की जा सके। यह परियोजना पहले से ही कई राज्यों में लागू की जा रही है और आने वाले महीनों में पूरे भारत में पूरी तरह से चालू हो जाएगी। जानकारों का मानना है कि यह व्यवस्था आपात स्थितियों के दौरान भ्रम को कम करेगी और यह सुनिश्चित करने में मदद करेगी कि हर कॉल पर पेशेवर उपचार उपलब्ध हो। नागरिकों को यह याद दिलाया जाता है कि वे अपने मोबाइल फ़ोन में 112 नंबर सेव करके रखें और सभी आपात स्थितियों के लिए इसी नंबर का उपयोग करें। आसान पहुँच के लिए सरकार ने '112 India' ऐप भी लॉन्च किया है।
उम्मीद है कि इस सुधार से पूरे देश में सार्वजनिक सुरक्षा और आपातकालीन प्रबंधन में काफ़ी सुधार होगा।




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