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Infosys के चेयरमैन सलिल पारेख ने एक बड़ा अनुमान लगाया है कि 2030 तक भारत में AI से 7.8 करोड़ (78 मिलियन) नई नौकरियाँ पैदा होंगी। इस इंडस्ट्री मीटिंग के दौरान, पारेख ने बताया कि AI कुछ दोहराए जाने वाले कामों की जगह तो ले सकता है, लेकिन साथ ही यह उससे कहीं ज़्यादा बड़ी संख्या में नई नौकरियाँ भी पैदा कर सकता है, जैसे कि AI डेवलपमेंट, डेटा साइंस, मशीन लर्निंग, एथिक्स, साइबर सुरक्षा और AI-आधारित सेवाओं से जुड़े काम।
उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि भारत की बड़ी युवा आबादी, IT टैलेंट का विशाल भंडार और तेज़ी से बढ़ती डिजिटल अर्थव्यवस्था के कारण, देश में AI से आने वाली नौकरियों की इस बहार का फ़ायदा उठाने की पूरी क्षमता है। पारेख ने इन अवसरों को बड़े पैमाने पर ज़मीनी हकीकत बनाने का आह्वान किया, जो केवल स्किलिंग/री-स्किलिंग (कौशल विकास/पुनः कौशल विकास) कार्यक्रमों की मदद से ही संभव है; और उन्होंने सरकार तथा शिक्षण संस्थानों से इस दिशा में काम करने का आग्रह किया। ऐसे समय में जब हर जगह AI की वजह से नौकरियों का जाना चिंता का विषय बन रहा है, ये अनुमान सकारात्मक हैं। Infosys खुद AI टेक्नोलॉजी में काफी निवेश कर रही है और अपने हज़ारों कर्मचारियों को GenAI टेक्नोलॉजी के लिए ट्रेनिंग दे रही है। इस अनुमान ने AI के दौर में देश की आर्थिक तरक्की को लेकर एक उम्मीद भरी चर्चा शुरू कर दी है।




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