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भारत के सबसे बड़े निजी बैंक इस समय अपने कार्यबल में एक बड़े बदलाव के दौर से गुज़र रहे हैं, क्योंकि IT अब एक मुख्य भूमिका निभा रहा है। Axis Bank ने FY26 में 3,100 से ज़्यादा नौकरियाँ कम की हैं, जिससे उसका कार्यबल 1.04 लाख से घटकर 1.01 लाख रह गया है। मुंबई स्थित HDFC Bank, जो भारत का सबसे बड़ा निजी क्षेत्र का बैंक है, ने अपने कार्यबल में 3,343 की कटौती की, जिससे कर्मचारियों की संख्या 2.14 लाख से घटकर 2.11 लाख हो गई। RBL Bank ने भी अपने कार्यबल में 949 की कटौती की, जिससे उसके कर्मचारियों की संख्या 14,265 से घटकर 13,316 रह गई।
बैंकों के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि कर्मचारियों की संख्या में यह कमी डिजिटल बुनियादी ढाँचा, ऑटोमेशन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस विकसित करने पर लंबे समय से दिए जा रहे ज़ोर का नतीजा है। इन प्रयासों से उत्पादकता बढ़ाने और कार्यक्षमता में सुधार करने में मदद मिली है, विशेष रूप से बैक-ऑफिस प्रोसेसिंग, ग्राहक सेवा और अन्य ऐसे कार्यों में जहाँ किसी विशेष निर्णय लेने की आवश्यकता नहीं होती। बैंकों के नज़रिए से, यह कमी बड़े पैमाने पर लागत में कटौती के कारण नहीं, बल्कि कर्मचारियों के नौकरी छोड़ने और नई भर्तियों में कमी के कारण हुई है। इन छंटनियों के बावजूद, कुछ बैंकों ने नई शाखाएँ खोलने का वादा किया है।
यह घटनाक्रम भारतीय बैंकिंग प्रणाली में IT ऑटोमेशन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते प्रभाव को दर्शाता है, जो सामान्य किस्म के कामों को खत्म कर रहा है और डेटा एनालिटिक्स, साइबर सुरक्षा और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन के क्षेत्र में विशेषज्ञों की माँग बढ़ा रहा है।




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