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BJP कार्यकर्ताओं पर डिपके के गंभीर आरोपों के बाद एक नया विवाद खड़ा हो गया है। उन्होंने दावा किया कि कार्यकर्ताओं ने 'सिटिजन्स फॉर जस्टिस एंड पीस' (CJP) को बदनाम करने के इरादे से प्रदर्शनकारियों पर पत्थर फेंकने के लिए पत्थरों से भरे पुलिस ट्रकों का इस्तेमाल किया।
दावे के अनुसार, उपद्रवियों ने कथित तौर पर पुलिस वाहनों से पत्थर लिए और CJP तथा व्यापक विरोध आंदोलन के खिलाफ गलत नैरेटिव बनाने के लिए प्रदर्शनकारियों पर फेंके। डिपके ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की और सत्ताधारी पार्टी पर असहमति को दबाने के लिए घटिया हथकंडे अपनाने का आरोप लगाया।
इस आरोप पर दोनों पक्षों की ओर से तीखी प्रतिक्रियाएं आई हैं। जहां CJP समर्थकों ने इस बयान का स्वागत किया है और जवाबदेही की मांग की है, वहीं BJP नेताओं ने इन दावों को बेबुनियाद और राजनीतिक रूप से प्रेरित बताकर खारिज कर दिया है।
अगर यह घटना सच है, तो शिक्षा और अन्य मुद्दों से जुड़े चल रहे विरोध प्रदर्शनों के दौरान कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठते हैं। अधिकारियों ने अभी तक इन गंभीर आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। इस घटना ने पहले से ही गरमाए हुए राजनीतिक माहौल को और अधिक तनावपूर्ण बना दिया है।




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