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सूरत पुलिस ने उत्तर प्रदेश के 18 वर्षीय 11वीं क्लास ड्रॉपआउट, रोहित वीरेंद्रसिंह शाक्य को 64 करोड़ रुपये से ज़्यादा के साइबर फ्रॉड नेटवर्क का मास्टरमाइंड होने के आरोप में गिरफ्तार किया है। सीमित औपचारिक शिक्षा के बावजूद, शाक्य ने कथित तौर पर YouTube ट्यूटोरियल और AI टूल्स के ज़रिए खतरनाक APK फ़ाइलें बनाना सीखा। जांचकर्ताओं का दावा है कि उसने SBI और PNB जैसे लोकप्रिय बैंकिंग ऐप्स और आधार व RTO जैसी सरकारी सेवाओं की नकल करते हुए 121 नकली एप्लिकेशन बनाए। ये ऐप्स 21,600 से ज़्यादा डिवाइस पर इंस्टॉल किए गए, जिससे लगभग 3,000 फ़ोन पूरी तरह से खतरे में पड़ गए और 54,000 से ज़्यादा धोखाधड़ी वाले ट्रांज़ैक्शन हुए। शाक्य ने कथित तौर पर Telegram के ज़रिए साइबर फ्रॉड करने वाले गिरोहों को सब्सक्रिप्शन के आधार पर इन टूल्स का एक्सेस 10,000–15,000 रुपये प्रति महीने में बेचा। यह मामला तब सामने आया जब मई 2026 में सूरत के एक पीड़ित ने एक फ़र्ज़ी APK इंस्टॉल करने के बाद 5 लाख रुपये गंवा दिए। पुलिस ने आरोपी के पास से कई डिवाइस ज़ब्त किए; उसे कानपुर के एक होटल से गिरफ़्तार किया गया था। बड़े सिंडिकेट से जुड़े लिंक का पता लगाने के लिए जांच चल रही है। अधिकारियों ने लोगों को चेतावनी दी है कि वे सिर्फ़ ऑफ़िशियल स्टोर से ही ऐप डाउनलोड करें और संदिग्ध लिंक को लेकर सतर्क रहें।




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