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कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्षी सांसदों ने मॉनसून सत्र के तीसरे दिन संसद में काले कपड़ों में पहुंचकर CJP छात्र प्रदर्शनों से निपटने के सरकार के तरीके का विरोध किया। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, अखिलेश यादव और अन्य नेताओं के साथ मिलकर किए गए इस प्रतीकात्मक "काला दिवस" विरोध प्रदर्शन में गृह मंत्री अमित शाह और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की गई।
यह विरोध प्रदर्शन CJP के "चलो संसद" मार्च के दौरान हुई हिंसक झड़पों के बाद हुआ है, जिसमें 100 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। कांग्रेस नेताओं ने NEET में अनियमितताओं का विरोध कर रहे छात्रों के खिलाफ सरकार पर "बर्बर बल" का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया।
समाजवादी पार्टी के सांसदों ने भी काले स्कार्फ पहने। सत्र शुरू होने पर विपक्ष ने संसद गेट के बाहर नारे लगाए और पुलिस की कथित ज्यादतियों को उजागर किया।
यह घटना राहुल गांधी और अन्य नेताओं को प्रधानमंत्री मोदी के आवास के पास धरने के दौरान हिरासत में लिए जाने के एक दिन बाद हुई है। सरकार ने सार्वजनिक व्यवस्था को खतरे का हवाला देते हुए पुलिस की कार्रवाई का बचाव किया है।
काले कपड़ों में यह अनोखा विरोध प्रदर्शन शिक्षा सुधारों और छात्रों की सुरक्षा को लेकर बढ़ते राजनीतिक मतभेदों को रेखांकित करता है, जबकि हिंसा की जांच जारी है।




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