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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लद्दाख के जाने-माने एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को एक स्नेहपूर्ण संदेश भेजकर उनसे डॉक्टरी सलाह मानने का आग्रह किया, जब एक्टिविस्ट ने अपना लंबा अनशन खत्म किया। यह संदेश दिखाता है कि हफ़्तों के विरोध और शारीरिक थकान के बाद सरकार वांगचुक की सेहत को लेकर कितनी गंभीर है। लद्दाख के पर्यावरण और राज्य का दर्जा दिलाने जैसे मुद्दों पर ज़ोरदार आवाज़ उठाने वाले वांगचुक ने हाल ही में अपनी भूख हड़ताल खत्म की। उनके अनशन ने देश भर में बड़ी बहस छेड़ दी थी और समाज के अलग-अलग वर्गों से उन्हें समर्थन मिला था। एक्टिविस्ट के करीबी सूत्रों ने पुष्टि की है कि वे अब डॉक्टरी देखरेख में हैं और अपनी सेहत में सुधार पर ध्यान दे रहे हैं। प्रधानमंत्री के संदेश को केंद्र और लद्दाख के प्रतिनिधियों के बीच चल रही बातचीत के दौरान सद्भावना के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। वांगचुक के समर्थक इसे सकारात्मक रूप से देख रहे हैं, जबकि कई लोग अभी भी लंबे समय से लंबित क्षेत्रीय मांगों के समाधान के लिए दबाव बना रहे हैं। यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब लद्दाख के पर्यावरण और क्षेत्रीय मुद्दे पूरे देश में चर्चा का विषय बने हुए हैं।




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