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जुलाई 2026 के आखिर में 24 घंटों के भीतर लगभग 60,000 प्रवासी मोरक्को से स्पेन के उत्तरी अफ़्रीकी इलाके स्यूटा में घुस आए, जिससे एक बड़ा मानवीय और सुरक्षा संकट पैदा हो गया।
स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़ ने इस अचानक आई भीड़ के लिए मानव तस्करी नेटवर्क को ज़िम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि तस्करों ने स्पेन के सुप्रीम कोर्ट के हालिया फ़ैसले का गलत मतलब फैलाया था, जिसमें कहा गया था कि समुद्र के रास्ते आने वाले प्रवासियों को तुरंत वापस नहीं भेजा जा सकता। यह अफ़वाह सोशल मीडिया पर "आग की तरह फैल गई", जिससे हज़ारों लोगों ने ज़मीन और समुद्र के रास्ते सीमा पार करने की कोशिश की।
कम से कम 57 लोगों की मौत हो गई, जिनमें से कई डूबने से मारे गए। बाद में ज़्यादातर लोग अपनी मर्ज़ी से मोरक्को लौट गए।
जानकारों ने युवा मोरक्कन लोगों की आर्थिक तंगी और स्पेन के साथ कूटनीतिक तनाव के बीच मोरक्को के अधिकारियों द्वारा बॉर्डर कंट्रोल में कुछ समय के लिए ढील देने की संभावना की ओर भी इशारा किया। इस घटना ने पूरे यूरोप में माइग्रेशन कंट्रोल और बॉर्डर सिक्योरिटी पर बहस को फिर से छेड़ दिया है।




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