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नई दिल्ली, November 6, 2026: पूर्व KKR स्टार क्रिस लिन कोकीन टेस्ट में फंसे, 2 महीने पहले चुपचाप झेला बैन... अब हुआ खुलासा!।
लिन उस समय इंग्लैंड की घरेलू टी20 प्रतियोगिता टी20 ब्लास्ट में नॉर्थम्पटनशायर की ओर से खेल रहे थे. 18 जुलाई को टूर्नामेंट के फाइनल डे पर उनका नियमित एंटी-डोपिंग टेस्ट किया गया था. उनकी टीम ने इस दिन खिताब जीतकर तीसरी बार टी20 ब्लास्ट ट्रॉफी अपने नाम की थी. लिन ने फाइनल डे के दोनों मुकाबलों में 39 और 4 रन बनाए थे. बाद में उनके यूरिन सैंपल की फ्रांस की लैब में जांच हुई, जिसमें कोकीन के मेटाबोलाइट बेंजोइलएक्गोनिन (Benzoylecgonine) की मौजूदगी मिली.
क्रिकेट रेगुलेटर ने 31 जुलाई को लिन को डोप टेस्ट के नतीजे की जानकारी दी और उन्हें अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया. इस दौरान लिन श्रीलंका में लंका प्रीमियर लीग (LPL) खेलने पहुंचे थे. वह गॉल ग्लैडिएटर्स की ओर से सिर्फ एक मुकाबले में उतरे, लेकिन 29 जुलाई को पैर की चोट के कारण टूर्नामेंट से बाहर हो गए थे.
लिन ने 20 अगस्त को क्रिकेट रेगुलेटर के सामने अपना जवाब दाखिल किया और कोकीन सेवन की बात स्वीकार कर ली. उन्होंने बताया कि 15 जुलाई की शाम से 16 जुलाई की सुबह के शुरुआती घंटों तक कई घंटों के दौरान उन्होंने इस पदार्थ का सेवन किया था. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह इस्तेमाल क्रिकेट प्रतियोगिता के बाहर हुआ था और इसका उनके खेल प्रदर्शन से कोई संबंध नहीं था.
दिलचस्प बात यह है कि 15 जुलाई को ही लिन नॉर्थम्पटनशायर की ओर से ग्लॉस्टरशायर के खिलाफ टी20 ब्लास्ट क्वार्टर फाइनल खेल रहे थे. इस मुकाबले में डुआन जानसन की लो फुलटॉस गेंद उनके पैर पर लगी थी, जिसके बाद उन्हें रिटायर्ड हर्ट होकर मैदान छोड़ना पड़ा था.
इस मामले में इंग्लैंड के क्रिकेट रेगुलेटर ने शुरुआत में लिन के खिलाफ ECB के एंटी-डोपिंग नियमों के तहत दो आरोप लगाए थे. हालांकि, बाद में एक आरोप वापस ले लिया गया. उनके सैंपल में कोकीन की मात्रा इतनी कम थी कि WADA के नियमों के तहत उस विशेष आरोप के लिए निर्धारित न्यूनतम रिपोर्टिंग स्तर पूरा नहीं हुआ था.
रेगुलेटर ने शुरुआत में तीन महीने के निलंबन का प्रस्ताव रखा था. लेकिन लिन ने नशे से जुड़ी समस्या के उपचार कार्यक्रम में हिस्सा लेने का फैसला किया. उन्होंने यह कार्यक्रम पूरा किया और अक्टूबर में इसकी पुष्टि करने वाले दस्तावेज रेगुलेटर को सौंपे. इसके बाद उनकी सजा घटाकर एक महीने कर दी गई.
लिन का निलंबन 31 जुलाई से 30 अगस्त 2026 तक प्रभावी रहा. यानी वह करीब दो महीने पहले ही प्रतिबंध पूरा कर चुके थे. क्रिकेट रेगुलेटर ने अब इस फैसले की जानकारी सार्वजनिक की है. नॉर्थम्पटनशायर की टीम पर इस मामले में कोई अलग प्रतिबंध नहीं लगाया गया.
क्रिस लिन आईपीएल में अपनी आक्रामक बल्लेबाजी के लिए पहचाने जाते रहे हैं. उन्होंने 2012 में डेक्कन चार्जर्स की ओर से आईपीएल डेब्यू किया था, लेकिन कोलकाता नाइट राइडर्स के साथ उन्हें खास पहचान मिली. लिन ने आईपीएल में कुल 42 मुकाबले खेले और 1329 रन बनाए. उनका औसत 34.07 और स्ट्राइक रेट 140.63 रहा. इस दौरान उन्होंने 10 अर्धशतक लगाए.
लिन का आईपीएल में उच्चतम स्कोर नाबाद 93 रन रहा, जो उन्होंने 2017 में KKR के लिए बनाया था. 2018 का सीजन भी उनके लिए शानदार रहा. उन्होंने 16 मैचों में 491 रन बनाए. इसके बाद 2019 में 13 मुकाबलों में 405 रन ठोके. 2021 में वह मुंबई इंडियंस का हिस्सा बने और एक मैच में 49 रन बनाए.
लिन ने ऑस्ट्रेलिया की ओर से 4 वनडे और 18 टी20 इंटरनेशनल मुकाबले खेले हैं. हालांकि, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से ज्यादा पहचान उन्हें दुनिया भर की टी20 लीग में मिली. वह बिग बैश लीग (BBL) के सबसे सफल बल्लेबाजों में शामिल हैं और इस टूर्नामेंट में सर्वाधिक रन बनाने वाले खिलाड़ी हैं.
अब लिन का नाम आगामी बिग बैश लीग सीजन को लेकर भी चर्चा में है. ऑस्ट्रेलियाई मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह मेलबर्न रेनेगेड्स से जुड़ने पर सहमत हो गए हैं. हालांकि, आधिकारिक करार की पुष्टि नहीं हुई है. उनका एक महीने का प्रतिबंध पूरा हो चुका है और वह खेलने के लिए उपलब्ध हैं. लेकिन आगे किसी अतिरिक्त अनुशासनात्मक कार्रवाई का फैसला उनकी नई फ्रेंचाइजी के स्तर पर हो सकता है.
स्रोत: Instafeed Desk।
तस्वीर: The Drug Users Bible, Wikimedia Commons, CC BY 2.0

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