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वेल्थ-टेक स्टार्टअप Dezerv के को-फाउंडर संदीप जेठवानी का हिसाब-किताब वायरल हो रहा है और सोशल मीडिया पर इसकी खूब चर्चा हो रही है। पत्रकार सोनिया शेनॉय के होस्ट किए गए 'The Money Mindset' पॉडकास्ट में शामिल होते हुए जेठवानी ने कहा कि जो व्यक्ति अभी किसी मेट्रो शहर में हर महीने ₹1-2 लाख खर्च कर रहा है, उसे 60 साल की उम्र में आराम से रिटायर होने के लिए लगभग ₹40 करोड़ के फंड की ज़रूरत होगी।
इसमें उसका अपना घर और कार शामिल नहीं है। जेठवानी ने अपने इस आंकड़े को कई बातों को ध्यान में रखकर समझाया, जिनमें शहरों में ज़्यादा महंगाई, स्वास्थ्य सेवाओं पर बढ़ता खर्च, जीवन की अवधि और रिटायरमेंट के 30 सालों तक जीवन स्तर को बनाए रखना शामिल है। उन्होंने आगे कहा कि यह हर साल लगभग ₹1.34 करोड़ के बराबर होता है। इससे सोशल मीडिया पर ज़बरदस्त विरोध शुरू हो गया; कुछ लोगों ने इस रकम को "बिल्कुल चौंकाने वाला" और कई लोगों के लिए नामुमकिन बताया, जबकि दूसरों ने महंगाई और मेट्रो लाइफ़स्टाइल की कड़वी सच्चाई को माना। कुछ लोगों ने इसे "वर्ग-भेद वाला" कहा; तो दूसरों ने जल्दी और ज़ोरदार बचत और निवेश की ज़रूरत पर ज़ोर दिया।
इस बहस ने भारत में रिटायरमेंट को लेकर चल रही चर्चा को फिर से ज़िंदा कर दिया है, जहाँ पहले कॉर्पस (₹1-5 करोड़) की जो परिभाषाएँ थीं, वे अब खतरे में हैं। एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि कॉर्पस चाहे जो भी हो, किसी को भी अपने जीवन के लक्ष्यों, महंगाई की दरों और जल्दी SIP शुरू करने के बारे में फिर से सोचना चाहिए।




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