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नई दिल्ली, November 8, 2026: अमेरिका के इतिहास का सबसे बड़ा निवेश खतरे में, भारत की आ सकती है मौज, दिखने लगे हैं संकेत।
अमेरिका की कंपनियां एआई इन्फ्रा और डेटा सेंटर के विकास पर पानी की तरह पैसा बहा रही हैं।
नई दिल्ली: अमेरिका में हाल में हुए मध्यावधि चुनावों में डेमोक्रेट्स की बंपर जीत ने देश के इतिहास की सबसे बड़ी आर्थिक क्रांति पर सवालिया निशान लगा दिए हैं।
निवेशकों को इसका आभास हो गया है और टेक्सास की गवर्नर इलेक्ट जीना हिनोजोसा ने आने वाले दिनों की थाह भी दे दी है।
जीना हिनोजोसा लैटिन अमेरिकी मूल की हैं और 1995 के बाद टेक्सास के गवर्नर का पद संभालने वाली पहली डेमोक्रेट हैं।
उन्होंने मांग की है कि जब तक नया कानून नहीं बन जाता है, तब तक एआई डेटा सेंटर का विकास रोक देना चाहिए।
अमेरिका की कुल प्रस्तावित डेटा सेंटर कैपेसिटी में टेक्सास की हिस्सेदारी करीब 25 फीसदी है।
साथ ही कई और राज्यों में भी डेमोक्रेट्स का दबदबा होने जा रहा है।
भारत के पास मौका अगर अमेरिका में डेटा सेंटर के विकास पर रोक लगती है तो इससे अरबों डॉलर का निवेश खतरे में पड़ सकता है।
टेक शेयरों वाले नैसडैक की कंपनियों का मार्केट कैप 2.5 ट्रिलियन डॉलर घट गया।
दूसरी ओर विदेशी निवेशक भारतीय बाजार में जमकर पैसा लगा रहे हैं।
पिछले पांच दिनों में एफआईआई ने भारतीय बाजार में 5 अरब डॉलर झोंके हैं।
गुरुवार को ही उन्होंने भारतीय बाजार में करीब 15,000 करोड़ रुपये की खरीदारी की जो एक साल से भी अधिक समय में एक दिन में सबसे बड़ी खरीदारी है।
पिछले पांच दिन में सेंसेक्स की कंपनियों का मार्केट कैप 29 लाख करोड़ चढ़ चुका है।
अमेरिका में चुनाव के नतीजों से दुनिया में कोहराम, भारत का फायदा!
स्रोत: Instafeed Desk।
तस्वीर: Carol M. Highsmith, Wikimedia Commons, Public domain

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