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Ola Electric Mobility ने 30 जून, 2026 (Q1 FY27) को समाप्त तिमाही के लिए ₹336 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट लॉस दर्ज किया, जो एक साल पहले के ₹428 करोड़ से 22% कम है। ऑपरेशन से रेवेन्यू साल-दर-साल 45% घटकर ₹455 करोड़ रह गया (जो पहले ₹828 करोड़ था), जिसका मुख्य कारण वाहनों की कम डिलीवरी थी - Q1 FY26 में 68,192 यूनिट्स के मुकाबले इस बार 39,192 यूनिट्स की डिलीवरी हुई।
क्रमिक आधार (sequential basis) पर, कंपनी ने स्पष्ट रिकवरी दिखाई। Q4 FY26 में रेवेन्यू ₹265 करोड़ था, जो 72% बढ़कर इस तिमाही में बढ़ा, जबकि डिलीवरी 20,256 यूनिट्स से लगभग दोगुनी हो गई। रजिस्ट्रेशन में तिमाही-दर-तिमाही 97% की वृद्धि हुई, जिससे मार्केट शेयर 5.1% से बढ़कर 8.4% हो गया। ग्रॉस मार्जिन 30.5% रहा और ऑपरेटिंग खर्च सालाना आधार पर 35% घटकर ₹333 करोड़ हो गए, जिससे EBITDA नुकसान कम करने में मदद मिली।
कंपनी ने Q1 को FY26 में ऑपरेशनल रीसेट के बाद पहली पूरी तिमाही बताया, जिसमें लागत का ढांचा कम हुआ है और AI की मदद से कामकाज में ज़्यादा कुशलता आई है। मैनेजमेंट का लक्ष्य है कि जैसे-जैसे वॉल्यूम बढ़े, तिमाही ऑपरेटिंग खर्च को ₹300 करोड़ के करीब लाया जाए।




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