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नई दिल्ली, November 7, 2026: सेंसेक्स 1700 अंक चढ़ा... भारतीय शेयर बाजार में लगातार 7वें दिन तूफानी तेजी, निफ्टी 25000 के पार।
खास बात यह रही कि अमेरिकी और एशियाई बाजारों में भारी गिरावट के बावजूद भारतीय बाजार में तेजी जारी रही. शुक्रवार को 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 1,718.01 अंक यानी 2.17% की तेजी के साथ 81,028.02 पर बंद हुआ. कारोबार के दौरान यह अपने दिन के सबसे ऊंचे स्तर पर रहा. वहीं, 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 493.75 अंक यानी 2.01% उछलकर 25,030.35 पर बंद हुआ. दोनों इंडेक्स लगातार सातवें कारोबारी दिन बढ़त के साथ बंद हुए. पिछले सात कारोबारी सत्रों में सेंसेक्स कुल 7,781.99 अंक यानी 10.62% चढ़ चुका है. इसी दौरान निफ्टी में 2,331.5 अंक यानी 10.27% की तेजी आई है. बैंक निफ्टी में भी 1312.35 अंकों की तेजी रही और यह इंडेक्स दिन के कारोबारी सत्र की समाप्ति पर 59086 के स्तर पर बंद हुआ.
शेयर बाजार में लगातार सात दिनों से जारी तेजी ने निवेशकों की दौलत में भी बड़ा इजाफा किया है. बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का शुक्रवार को कुल मार्केट कैप करीब 1.49 लाख करोड़ रुपये बढ़कर 503.10 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया. पिछले कारोबारी सत्र में यह 501.61 लाख करोड़ रुपये था. अगर पिछले सात कारोबारी सत्रों की बात करें, तो इस दौरान निवेशकों की कुल संपत्ति में करीब 30.41 लाख करोड़ रुपये का इजाफा हुआ है. यानी बाजार में लगातार जारी तेजी से निवेशकों की होल्डिंग्स की वैल्यू में बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है. सात दिन में बाजार ने कितनी लगाई छलांग?
सेंसेक्स की 30 कंपनियों में महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M) का शेयर सबसे ज्यादा चमका. इसमें 6.15% की तेजी आई. कंपनी ने गुरुवार को सितंबर तिमाही के नतीजे घोषित किए थे. जुलाई-सितंबर तिमाही में उसका कंसोलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) 25% बढ़कर 4,587.88 करोड़ रुपये हो गया. कंपनी की ऑटो सेगमेंट में मजबूत बिक्री और रेवेन्यू ग्रोथ से नतीजों को सहारा मिला. इसके अलावा ICICI बैंक, HDFC बैंक, टाइटन, एक्सिस बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक के शेयरों में भी तेजी रही. सेंसेक्स की कंपनियों में सिर्फ पावर ग्रिड का शेयर गिरावट के साथ बंद हुआ.
बाजार में तेजी की एक बड़ी वजह विदेशी निवेशकों की खरीदारी रही. एक्सचेंज के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में 14,974.68 करोड़ रुपये के शेयरों की नेट खरीदारी की. इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से भी निवेशकों को राहत मिली. ब्रेंट क्रूड 1.50% गिरकर 96.82 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया. भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात करता है, इसलिए क्रूड की कीमतें घटने से देश के आयात बिल और महंगाई पर दबाव कम होने की उम्मीद रहती है.
भारतीय बाजार की तेजी ऐसे समय में आई, जब दुनिया के कई बड़े शेयर बाजार गिरावट से जूझ रहे थे. गुरुवार को अमेरिकी बाजारों में भारी बिकवाली हुई. नैस्डैक कंपोजिट 5.52% टूट गया, जबकि S&P 500 में 4.36% और डाउ जोन्स में 3.44% की गिरावट दर्ज की गई. एशियाई बाजारों में भी दबाव देखने को मिला. दक्षिण कोरिया का कोस्पी 6.02% और जापान का निक्केई 225 करीब 5.96% गिरकर बंद हुआ. शंघाई कंपोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग भी 1% से ज्यादा टूटे. यूरोपीय बाजारों में भी कारोबार के दौरान कमजोरी बनी हुई थी.
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ रिसर्च विनोद नायर के मुताबिक, विदेशी बाजारों में उथल-पुथल के बीच निवेशक भारतीय शेयर बाजार को अपेक्षाकृत सुरक्षित विकल्प के तौर पर देख रहे हैं. अमेरिकी बाजारों में टेक्नोलॉजी शेयरों की भारी बिकवाली और डेमोक्रेट्स की ओर से सख्त रेगुलेशन की आशंका ने वहां निवेशकों की चिंता बढ़ाई. इसके उलट भारत में विदेशी निवेशकों की खरीदारी और घरेलू बाजार के बेहतर संकेतों से तेजी को समर्थन मिला.
स्रोत: Instafeed Desk।
तस्वीर: Background image: NASA this version: Nilfanion, Wikimedia Commons, Public domain

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