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नई दिल्ली, November 5, 2026: क्या 2 दिन तक पॉटी नहीं हुई? डॉक्टर से जानें कब सामान्य कब हो सकती है कब्ज।
Medically Reviewed by Dr Sharad Malhotra , Senior Consultant & Director – Gastroenterology, Hepatology & Therapeutic Endoscopy क्या 2 दिन तक पॉटी नहीं हुई? डॉक्टर से जानें कब सामान्य कब हो सकती है कब्ज अगर लोगों को दो दिन तक पॉटी नहीं आती, तो कई लोग इसे कब्ज मानकर खुद ही इलाज करने लगते हैं, लेकिन क्या दो दिन तक पेट साफ न होना नॉर्मल हो सकता है या फिर कब्ज के लक्षण हो सकते हैं। क्या 2 दिन तक पॉटी नहीं हुई? डॉक्टर से जानें कब सामान्य कब हो सकती है कब्ज Written By Aneesh Rawat Published on Nov 04, 2026 17:16 IST
Dr. Sharad Malhotra ने कहा, “हर व्यक्ति का बाउल पैटर्न यानी पॉटी करने का पैटर्न एक जैसा नहीं होता। किसी को रोज सुबह पॉटी आती है, तो कोई शाम को जाता है। अगर 2 दिन तक पॉटी नहीं आई, लेकिन पेट में दर्द नहीं है, गैस निकल रही है और सामान्य महसूस कर रहे हैं, तो जरूरी नहीं कि यह कब्ज हो। अगर एक दिन पॉटी नहीं आई, तो इसका मतलब कब्ज नहीं होता। कब्ज होने की पुष्टि मल की बनावट, जोर लगाने, मल बाहर निकलने में परेशानी होना और पेट साफ न होने के एहसास से की जा सकती है।”
Mayo Clinic के अनुसार, अगर किसी को ये लक्षण दिखाई दें, तो कब्ज हो सकती है।
Dr. Sharad Malhotra कहते हैं कि पॉटी लेट होने के कई कारण हो सकते हैं। इसलिए लोगों को रोजाना की आदतों में कुछ बदलाव करने चाहिए।
जो लोग खाने में फल, सब्जियां, दालें और साबुत अनाज कम लेते हैं, तो उन्हें पॉटी करने में दिक्कत हो सकती है। फाइबर से मल को बनावट मिलती है और उसे आसानी से बाहर निकालने में मदद मिलती है। खाने में फाइबर की कमी कब्ज की आम वजह हो सकती है।
शरीर में पानी की कमी होने पर मल सख्त और सूखा हो सकता है। इससे पॉटी करने में परेशानी होती है। खासतौर पर जो लोग फाइबर ज्यादा खा रहे हैं, तो पर्याप्त फ्लूड लेना चाहिए। हालांकि, जिन लोगों को किसी बीमारी के कारण पानी सीमित पीने की सलाह दी गई है, उन्हें डॉक्टर की सलाह पर ही पानी पीना चाहिए।
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जो लोग बहुत समय तक कुर्सी पर बैठे रहते हैं , उनकी फिजिकल एक्टिविटी कम होती है। यह आदत भी पॉटी में देरी की वजह बन सकती है। इसलिए जिन लोगों का लगातार बैठने वाला काम है, उन्हें रोजाना पैदल चलना या हल्की एक्सरसाइज करनी चाहिए। इससे आंतों के फंक्शन को बेहतर बनाने में मदद मिलती है।
कई लोग काम, सफर या किसी भी वजह से पॉटी आने पर भी शौचालय नहीं जाते। बार-बार ऐसा करने से मल त्याग पर असर पड़ सकता है। इसलिए जब पॉटी आ रही हो, तो उसे टालना नहीं चाहिए।
सफर के दौरान खान-पान और सोने-जागने का समय बदल जाता है। कई लोग लगातार स्ट्रेस में रहते हैं और इस वजह से नींद कम आती है और फिर सुबह उठने पर थकान महसूस हो सकती है। इसके अलावा, कुछ दवाएं और सप्लीमेंट्स भी कब्ज बढ़ा सकते हैं। इनमें आयरन सप्लीमेंट, कुछ पेनकिलर्स और कैल्शियम या एल्युमिनियम वाले कुछ एंटासिड शामिल हो सकते हैं। डायबिटीज, थायराइड और आंतों की समस्याएं भी कब्ज का कारण बन सकती हैं।
Dr. Sharad Malhotra ने कहा कि अगर दो दिन तक पॉटी नहीं आई है और पॉटी के रूटीन में अचानक बदलाव हो, तो डॉक्टर से सलाह लें। ऐसे में लोगों को इन लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
Dr. Sharad Malhotra सलाह देते हैं कि अगर पेट में तेज या लगातार दर्द हो रहा है, पेट बहुत ज्यादा फूल गया है, उल्टी हो रही है और मल के साथ गैस भी बिल्कुल नहीं निकल रही, तो यह आंतों में रुकावट जैसी गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है। ऐसी कंडीशन में घरेलू उपाय करने के बजाय तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए।
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निष्कर्ष दो दिन तक पॉटी न आना कब्ज की स्थिति नहीं है, लेकिन पेट दर्द या अन्य लक्षण दिखाई दें, तो डॉक्टर को दिखाना चाहिए। इसके अलावा, पॉटी को रूटीन में लाने के लिए रोजाना पर्याप्त पानी, फाइबर से भरपूर फूड्स और हल्की फिजिकल एक्सरसाइज करनी चाहिए। अगर कब्ज की समस्या ज्यादा समय तक रहे तो घरेलू नुस्खे करने के बजाय डॉक्टर की सलाह लें।
स्रोत: Instafeed Desk।

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