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मौसमी बीमारियों का ट्रेंड बदला: राजस्थान में पिछले साल के मुकाबले इस बार डेंगू के 34 प्रतिशत और मलेरिया के ...

New Delhi, November 6, 2026: मौसमी बीमारियों का ट्रेंड बदला: राजस्थान में पिछले साल के मुकाबले इस बार डेंगू के 34 प्रतिशत और मलेरिया के .... The source note says: प्रदेश में इस साल अब तक डेंगू के…

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Image Credit: तस्वीर: Apurv013, Wikimedia Commons, CC0
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By Pandey Gaurav | Mumbai, Maharashtra | Health - 06 November 2026

New Delhi, November 6, 2026: मौसमी बीमारियों का ट्रेंड बदला: राजस्थान में पिछले साल के मुकाबले इस बार डेंगू के 34 प्रतिशत और मलेरिया के ....

The source note says: प्रदेश में इस साल अब तक डेंगू के 2081 और मलेरिया के 984 मरीज मिले हैं। खासतौर पर उदयपुर में मलेरिया का प्रकोप सबसे ज्यादा है। यहां 200 मरीज मिल चुके हैं। वहीं जयपुर, अलवर और अजमेर में डेंगू के मामले ज्यादा हैं। यह खुलासा भास्कर की ओर से एनालिसिस के दौरान हुआ है।

The source note says: प्रदेश में पिछले साल इसी अवधि तक डेंगू के 3162 मरीज सामने आए थे, जबकि इस साल इनकी संख्या 2081 है। यानी करीब 34% की कमी आई है। इसके बावजूद जयपुर में 169, अलवर में 195, अजमेर में 131 और कोटा में 126 मरीज मिले हैं। जयपुर-2 में भी 102 मरीज सामने आए हैं। दूसरी तरफ बाड़मेर में पिछले साल 219 के मुकाबले इस साल 115 और बीकानेर में 506 के मुकाबले 114 मरीज मिले हैं।

The source note says: मलेरिया के मामले पिछले साल के 1446 से घटकर 984 रह गए हैं, लेकिन उदयपुर में 200 मरीज मिले हैं। सलूंबर में 138 और प्रतापगढ़ में 125 मरीज सामने आए हैं। अलवर और बाड़मेर में 80-80 मरीज मिले हैं। यह बताता है कि मलेरिया का संक्रमण दक्षिण राजस्थान के जिलों में ज्यादा सक्रिय है।

The source note says: चिकनगुनिया में भी राहत, जयपुर में सबसे ज्यादा मरीज चिकनगुनिया के मामले पिछले साल के 294 से घटकर इस साल 190 रह गए हैं। जयपुर में सबसे ज्यादा 39, कोटा में 11, कोटपूतली में 11 और भरतपुर में 13 मरीज मिले हैं। हालांकि पिछले साल जयपुर में 63 और जयपुर-2 में 20 मरीज थे। मौतों के आंकड़ों में राहत ( इस साल के दो नवंबर तक के आंकड़ों के आधार पर)

The source note says: भास्कर एक्सपर्ट - डॉ.रमन शर्मा, अशोक गुप्ता, डॉ. प्रवीण मंगलूनिया

The source note says: एंटी लार्वा गतिविधि के लिए डोमेस्टिक ब्लीडिंड चैकर की नियुक्ति, मॉनिटरिंग सिस्टम जैसे अनेक कारणों से पिछले साल के मुकाबले इस बार मौसमी बीमारियों के मामले कम मिले है। -डॉ. रवि प्रकाश शर्मा, निदेशक (जन स्वास्थ्य), चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग

Source: Instafeed Desk.

तस्वीर: Apurv013, Wikimedia Commons, CC0

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